भिवाड़ी

मुख्य मार्गों पर निर्मित हो रहे ट्रेक, साइकिल सवार करेंगे अच्छा महसूस

उद्योग नगरी के प्रमुख मार्गों पर साइकिल ट्रेक तैयार हो रहे हैं। ट्रेक निर्मित होने के बाद भिवाड़ी में भी साइकिल प्रेमियों को सडक़ पर उचित माहौल मिल सकेगा। अभी तक साइकिल चलाने के लिए कोई निर्धारित रास्ता नहीं है।
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bhiwadi news
अभी तक साइक्लिंग के लिए नहीं हो कोई रास्ता

भिवाड़ी. उद्योग नगरी के प्रमुख मार्गों पर साइकिल ट्रेक तैयार हो रहे हैं। ट्रेक निर्मित होने के बाद भिवाड़ी में भी साइकिल प्रेमियों को सडक़ पर उचित माहौल मिल सकेगा। अभी तक साइकिल चलाने के लिए कोई निर्धारित रास्ता नहीं है। बड़े वाहनों के बीच ही साइकिल चलानी होती हैं, जिसमें सवार को काफी असुविधा होती है। ट्रेक का निर्माण होने के बाद बड़े और आधुनिक शहरों की तरह साइकिल चलाने के लिए ट्रेक होगा। फिलहाल गौरवपथ पर कैपिटल मॉल की तरफ से मंशा चौक की तरफ साइकिल ट्रैक निर्माण का काम चल रहा है। यह ट्रेक करीब चार किमी लंबा होगा। इजी डे से नगर परिषद होते हुए मंशा चौक तक भी करीब नौ सौ मीटर में साइकिल ट्रेक निर्मित किया जाएगा। इसके साथ ही यूआईटी सेक्टर पांच, सात और नौ को जाने वाली मुख्य सडक़ पर भी साइकिल ट्रेक का निर्माण प्रस्तावित है। इस तरह आबादी क्षेत्र के बीच में तीन साइकिल टे्रक निर्मित होने से साइकिल सवारों को आने वाले समय में अच्छा महसूस होगा। भिवाड़ी में साइकिल ट्रेक का निर्माण कार्य वायु गुणवत्ता आयोग (सीएक्यूएम) के निर्देश पर हो रहा है। आयोग की मंशा है कि आमजन को शहरी आबादी के बीच में पैदल चलने और साइकिल चलाने के लिए अच्छा वातावरण मिलना चाहिए, जिसमें दुर्घटना की आशंका नहीं रहे। इसके लिए अलग से ट्रेक निर्मित होने चाहिए, जिससे आमजन पेट्रोल डीजल के निजी वाहनों का उपयोग कम करे और थोड़ी दूरी के लिए साइकिल और पैदल ही आवागमन करे।

40 हजार किमी की साइकिल यात्रा पर निकले महेश

एक तरफ नई पीढ़ी साइकिल को छोड़ रही है वहीं दूसरी तरफ महेश प्रजापत साइकिल चलाने के दीवाने हैं। साइकिल से 40 हजार किमी की यात्रा कर रहे हैं। वे यात्रा में ऐसे मंदिर जरूर जाते हैं, जिनकी स्थानीय स्तर पर बहुत अधिक मान्यता है और दूरदराज में लोग नहीं जानते। इसके साथ ही सामाजिक संस्था और स्कूलों में जाकर सार्वजनिक स्वच्छता के प्रति जागरुक करते हैं, साइकिल चलाने के महत्व के बारे में बताते हैं। साइकिल यात्रा के दौरान तीस किलो जरूरी सामान का वजन भी उनके साथ रहता है। महेश बताते हैं कि वे साइकिल से नेपाल, भूटान, थाईलैंड और वियतनाम की यात्रा भी कर चुके हैं। साइकिल चलाने का उनका उद्देश्य युवाओं को फिट रखना और साइकिल चलाने के लिए प्रेरित करना है। महेश बताते हैं कि यात्रा के दौरान पुलिस स्टेशन, मंदिर, गुरुद्वारे, स्कूल, पेट्रोल पंप जहां भी मौका मिलता है वहां ठहर कर विश्राम करते हैं। इस दौरान आमजन का भी बड़ा सहयोग मिलता है।

Updated on:
03 Jun 2026 06:37 pm
Published on:
03 Jun 2026 06:37 pm