
भोपाल/ मध्य प्रदेश समेत देशभर में कोरोना वायरस बहुत तेजी से अपने पांव पसार रहा है। जहां देशभर में कोरोना वायरस ने अब तक करीब 17 हजार केस सामने आ चुके हैं। वहीं ताजा आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में 1687 पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं। हालात को देखते हुए जहां देशभर में 3 मई तक लॉकडाउन बढ़ाया गया है। वहीं, स्थानीय प्रशासन ने जिले को इसी अवधि तक टोटल लॉकडाउन घोषित किया है। पहले 21 दिन और अब 19 दिन के लिए लॉकडाउन घोषित किया गया है। हालांकि, ये सारी व्यवस्थाएं हमारे फायदे के लिए ही की जा रही है। बहरहाल, लॉकडाउन के कारण घर में रहते हुए अब काफी वक्त बीत चुका है। ऐसे में कई लोगों में संक्रमण को लेकर चिंताएं भी बढ़ने लगी हैं।
इस तरह हम जान सकते हैं एक दूसरे का हाल
महामारी के फैलाव, जिसमें रोजाना अपने आसपास के भड़ते आंकड़े और घर में बंद रहना कई लोगों के लिए निराशा का कारण भी बनने लगा है। हमें ये बात समझना जरूरी है कि, लोगों में बढ़ रही इस निराशा का समाधान करने की जिम्मेदारी सरकार की नहीं होगी, इसके लिए हमें खुद ही सजग होना पड़ेगा। लोगों में उत्पन्न होने वाली इस निराशा का समाधान हमें खुद ही करना होगा। सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने और लॉकडाउन का पालन करने के कारण हम किसी से मिलने जुलने तो जा नहीं सकते ऐसे में फोन के जरिये एक दूसरे से संपर्क बनाकर रखना बेहद जरूरी है। इनमें खासतौर पर मिलने जुलने वाले बुजुर्गों से हम संपर्क जरूर रखें। हमारा ये कामर्य एक-दूसरे को राहत देने में प्रभावी होगा। हालांकि, इस संवाद में हमें कुछ खास बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। आइये जानते हैं उनके बारे में....।
इन बातों का रखें ख्याल
-जब फोन पर बातें होती हैं, तो इसमें कई बातें सामने आती हैं, लेकिन अपनी वार्ता के दौरान इस बात का ख्याल रखें कि, कोई भी नकारात्मकता याद पर चर्चा न करें। क्योंकि, ये मौका वैसे ही निराशा का है, इसमें और नकारात्मकता के बजाय अच्छी यादों पर बात करें तो ही बेहतर होगा।
-आपसी हताशा कम करने के लिए हालात सामान्य हो जाने के बाद सारे परिवार या दोस्तों के एक जगह इकट्ठा होने की योजना बनाने पर बात करें। इस तरह की बातचीत सामने वाे व्यक्ति में उत्साह बढ़ाती है, इसे सामने वाले व्यक्ति की सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है, जो उसके अंदर की नकारात्मकता को नष्ट करने में कारगर है।