मुख्यमंत्री समीक्षा में जानकारी आई सामने, कोरोना काल में मरीजों के इलाज से लेकर रहने और खाने में खर्च हुए 581 करोड़
प्रवीण श्रीवास्तव, भोपाल।
प्रदेश में अभी तक कोरोना मरीजों की 100 करोड़ रुपए से ज्यादा की जांच की जा चुकी है, वहीं मरीजों को करीब 170 करोड़ रुपए की दवाएं दी गई। यही नहीं मार्च 2020 से अभी तक कोरोना मरीजों पर 581 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च हो चुके हैं। यह जानकारी मुख्यमंत्री समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी गई।
मालूम हो कि बीते साल मार्च से लेकर अब तक 791704 मरीज सामने आ चुके हैं।
हाल ही में कोरोना समीक्षा के दौरान मरीजों के इलाज और अन्य व्यवस्थाओं में होने वाले खर्च की जानकारी दी गई। जानकारी के मुताबिक 581 करोड़ रुपए में से स्वास्थ्य विभाग ने करीब 420.06 करोड़ और चिकित्सा शिक्षा विभाग ने 160.98 करोड़ रुपए व्यय किए हैं।
कोविड मैनेजमेंट में खर्च हुए 273 करोड़ रुपए
समीक्षा बैठक से मिली जानकारी के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग ने करीब 420 करोड़ रुपए खर्च किए। इनमें से सबसे ज्यादा कोविड मैनेजमेंट पर 273.92 करोड रुपए खर्च हुए। आयुष्मान से कोरोना मरीजों के इलाज पर 39.06 करोड़ और 107.08 करोड़ रुपए की वैक्सीन खरीदी गई। इस दौरान चिकित्सा शिक्षा विभाग ने 160.98 करोड़ रूपए खर्च किए हैं।
प्रति मरीज खर्च हुए करीब 7300 रुपए
कोविड केयर सेंटर, कोविड हेल्थ सेंटर और कोविड अस्पताल में भर्ती हर मरीज के रोजाना के खाने पर 100 रुपए खर्च किए गए। संक्रमितों की साफ -सफाई पर भी रोज प्रति व्यक्ति 120 रुपए खर्च हुए। इनके रहने-खाने की व्यवस्था पर भी 23 करोड़ खर्च हुए हैं। क्वारेंटाइन सेंटर और डॉक्टरों-नर्सों के रहने के लिए होटल और गेस्ट हाउस किराए पर लिए गए। पहले फेज में ही रिम्स के डॉक्टरों और नर्सों के क्वारेंटाइन के लिए होटल और अन्य जगह किराए से ली गई।