104 Helpline: 2025 की 104 और 108 नंबर हेल्पलाइन पर पहुंचे कॉल्स से बड़ा खुलासा, एमपी में लगातार बढ़ रहे हैं मानसिक रोगी...
104 Helpline: पढ़ाई का दबाव, कॅरियर की अनिश्चितता, पारिवारिक कलह और बीमारी होने का डर, ये सब आम लोग विशेषकर युवाओं की मानसिक सेहत पर भारी पड़ रहे हैं। तनाव में कई बार आत्मघाती प्रवृत्ति तक पहुंच जाते हैं। इसका खुलासा 108 एंबुलेंस की 104 हेल्पलाइन की वार्षिक रिपोर्ट 2025 में हुआ है। इस रिपोर्ट में मानसिक तनाव के मामलों में एमपी में लगातार बढ़ोतरी सामने आई है।
2025 में 104 हेल्पलाइन पर 26 हजार से अधिक कॉल आए। रिपोर्ट के अनुसार, कुल कॉल में से 24 प्रतिशत मामले सीधे तौर पर मानसिक तनाव से जुड़े थे। वहीं, 18 प्रतिशत कॉल शारीरिक परेशानियों को लेकर आए। विशेषज्ञों के अनुसार ये आंकड़े बताते हैं कि लोग इलाज से पहले सलाह और मानसिक सहारे की जरूरत महसूस कर रहे हैं।
- स्किन इचिंग - 17 प्रतिशत
- फीवर - 13 प्रतिशत
- पेट दर्द - 10 प्रतिशत
- सिर दर्द - 8 प्रतिशत
- मेडिकल एडवाइस - 4,792
- काउंसलिंग - 4,888
- शिकायत - 3,113
- जानकारी - 10,428
- तनाव -35 प्रतिशत
- शारीरिक समस्या - 30 प्रतिशत
- कॅरियर संबंधी - 12 प्रतिशत
- सैक्सुअल संबंध - 11 प्रतिशत
-सरकारी योजना संबंधी - 35 प्रतिशत
-अस्पताल से जुड़ी -21 प्रतिशत
-आयुष्मान संबंधी 22 प्रतिशत