
Twisha Sharma mother-in-law Giribala Singh spotted feeding a dog
Twisha Sharma case: दिल्ली एम्स के डॉक्टरों की टीम द्वारा भोपाल एम्स में दोबारा पोस्टमार्टम कराने के बाद आखिरकार 12 दिनों के बाद ट्विशा शर्मा का भोपाल के भदभदा विश्राम घाट अंतिम अंतिम संस्कार किया गया। शा के भाई हर्षित शर्मा ने उन्हें मुखाग्नि दी। वहीं, जब ट्विशा के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया चल रही थी तब दिल्ली एम्स के डॉक्टरों की टीम मामले में आरोपी सास और पूर्व जज गिरिबाला सिंह के घर पहुंची थी।
गिरिबाला सिंह से कुछ देर बातचीत करने के बाद टीम वह से रवाना हो गई। वहीं, सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह ट्विशा के अंतिम संस्कार में नहीं पहुंचे। पति समर्थ को अंतिम संस्कार में जाने की अनुमति नहीं मिली थी लेकिन गिरिबाला, जो की अग्रिम जमानत पर हैं, वह भी उनके अंतिम संस्कार में नहीं पहुंची थी। गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत को रद्द कराने को लेकर सोमवार को हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है। इस सुनवाई से पहले गिरिबाला सिंह की तरफ से बड़ा अपडेट सामने आया है। पूर्व जज गिरिबाला सिंह हाईकोर्ट में खुद अपना केस लड़ सकती है।
बता दें कि, 25 मई सोमवार को हाईकोर्ट में शासन और ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा के आवेदन पर होंगी सुनवाई। राज्य शासन और पिता ने ट्विशा की सास और पूर्व जज गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत निरस्त करने के लिए अपील की थी। इस मामले की सुनवाई कल यानी सोमवार को होनी है। कोर्ट में जमा किए दस्तावेज में पूर्व जज गिरि बाला ने अपना वकालत नामा लगाया है। इसका सीधा अर्थ ये है कि अगर सुनवाई के दौरान किसी भी परिस्थिति में वकील नहीं पहुंचते है तो वह अपना केस खुद लड़ सकती है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने भी ट्विशा शर्मा मौत मामले में संज्ञान लिया है। इसकी सुनवाई भी 25 मई को होनी है। शनिवार को वकीलों की एक टीम गिरिबाला सिंह के निवास पहुंची जहां आगे की रणनीति पर विचार किया गया। कहा जा रहा है कि 25 मई को गिरिबाला सिंह स्वयं जबलपुर हाई कोर्ट में अपना पक्ष रखेंगी।
रविवार को ट्विशा शर्मा के शव का दिल्ली एम्स की 4 सदस्यीय टीम ने दूसरा पोस्टमॉर्टम किया गया। शव का दूसरा पोस्टमार्टम भोपाल के एम्स (AIIMS) में 24 मई को सुबह 11 बजे शुरू हुआ था और यह प्रक्रिया करीब 4 घंटे तक चली। दिल्ली एम्स और भोपाल एम्स के 5 वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम द्वारा यह परीक्षण दोपहर लगभग 3:00 बजे पूरा किया गया। दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर दिल्ली एम्स के फोरेंसिक मेडिसिन और टॉक्सिकोलॉजी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर और हेड डॉ. सुधीर कुमार गुप्ता ने बताया कि ट्विशा की ऑटोप्सी रिपोर्ट में कुछ समय लगेगा, क्योंकि हिस्टोपैथोलॉजी और विसरा एनालिसिस जैसे कुछ लैब टेस्ट जरूरी हैं। एम्स दिल्ली से सीनियर डॉक्टरों की एक टीम कल सैंपल, फोटो, वीडियो और लिखित जानकारी के साथ वापस आएगी।
Updated on:
24 May 2026, 7:45 PM IST
Published on:
24 May 2026, 7:45 PM IST
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