भोपाल

ब्रेनवाश फिर देह व्यापार: भोपाल की दो बहनों के आंसुओं ने खोला तस्करी का खौफनाक सच, मुंबई तक फैला जाल

Trafficking Racket : अपनों से रूठीं तो तस्करों ने घेरा... मानव तस्करों के जाल में फंसी किशोरियों को दो साल बाद किया गया था बरामद, मुंबई तक फैला है जाल।
3 min read
Trafficking Racket
Trafficking Racket (ब्रेनवाश फिर देह व्यापार Photo Source- Patrika)

Bhopal News : परिवार की एक मामूली डांट ने मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में दो मासूम बहनों की जिंदगी को ऐसा मोड़ दे दिया, जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थीं। ये कहानी है नवंबर 2024 में शहर के हनुमानगंज इलाके की। 13 और 15 साल की दो सगी बहनें नाराज होकर घर से निकल गई थीं। दोनों भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-6 पर बैठकर शिवपुरी जाने वाली ट्रेन का इंतजार कर रही थीं। उन्हें नहीं पता था कि, स्टेशन पर पहले से ऐसे लोग भी हैं, जो इनकी जिंदगी को नरक बना देंगे। दरअसल, ये मानव तस्करी गिरोह के लोग थे जो घर से भटकी बच्चियों को शिकार बनाते हैं।

स्टेशन के सीसीटीवी से खुला राज

पुलिस ने रेलवे स्टेशन और उसके आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। स्टेशन के बाहर दोनों बच्चियों के साथ संदिग्ध युवक दिखाई दिया। इसी सुराग के आधार पर पुलिस गिरोह तक पहुंची। पहले शिवपुरी में दबिश देकर छोटी बहन को सुरक्षित छुड़ाया गया। उसकी निशानदेही पर गुना से बड़ी बहन को भी बरामद कर लिया गया। अब मामले में 18 जुलाई को पुलिस चालान पेश करेगी।

कई वर्षों से रेलवे स्टेशन और बस स्टेंड पर सक्रीय था गिरोह

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए विनोद प्रजापति, रितिक सपेरा और बप्पा सपेरा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि, गिरोह कई वर्षों से भोपाल रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे स्थानों पर घर से नाराज और भटकी 13 से 15 साल की बच्चियों को निशाना बनाता था। गिरोह में महिलाएं भी शामिल हैं, जो खुद को मां जैसा बताकर किशोरियों का भरोसा जीतती थीं और फिर उन्हें इस जाल में धकेल देती थीं।

ऐसे शुरू होता है तस्करों का खेल

शाम घिरी तो एक युवक दोनों के पास पहुंचा। उसने पता पूछा और कहा जाना है, ये जानकारी हासिल की। फिर भरोसा दिलाया कि, उन्हें उनकी मौसी के घर छोड़ देगा। पहले दोनों ने मना किया, लेकिन लगातार मीठी बातें और भरोसा देने पर झांसे में आ गईं। युवक उन्हें स्टेशन से बाहर ले आया, जहां पहले से कार खड़ी थीं। कुछ दूरी पर पहुंचने के बाद दोनों बहनों को अलग-अलग वाहनों में बैठा दिया गया। इसके बाद उनकी राहें भी अलग कर दी गईं।

शादी के बाद धकेल दिया था देह व्यापार में

कुछ समय बाद उन्हें अहसास हुआ कि यह शादी नहीं, बल्कि मानव तस्करी का जाल था। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने दोनों किशोरियों का मानसिक रूप से ब्रेनवाश किया और उनका शोषण किया। पूछताछ में यह भी पता चला कि गिरोह अन्य जिलों से भी नाबालिग लड़कियों को इसी तरह फंसाता था और उन्हें बड़े शहरों तक ले जाने की तैयारी करता था पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी विनोद प्रजापति ने एक बच्ची को रितिक सपेरा और दूसरी को बह्रश्वपा सपेरा के साथ भेज दिया। रास्ते में आरोपियों ने भरोसा जीतने और भावनात्मक रूप से अपने पक्ष में करने की कोशिश की। बाद में एक बहन को शिवपुरी के कंजर मोहल्ले और दूसरी को गुना के पास सपेरा बस्ती में रखा गया। दोनों को अच्छे जीवन और शादी का सपना दिखाकर ब्रेनवाश करके अलग-अलग युवकों के साथ पत्नी की तरह के लिए मजबूर किया गया।

हर महीने 50 से 60 लड़कियां हो रहीं लापता

भोपाल में हर महीने औसतन 50 से 60 लड़कियां लापता हो रही हैं। इस साल के पहले छह महीनों में यह संख्या हजार के पार पहुंच चुकी है। पुलिस ने अलग-अलग अभियानों में 200 से ज्यादा लड़कियों को खोज निकाला है, लेकिन बड़ी संख्या अब भी लापता है। पूरे मध्यप्रदेश में अब तक 50 हजार से अधिक बेटियों का रेस्क्यू किया जा चुका है। लापता लड़कियों के परिजन पुलिस थाने से लेकर अफसरों तक के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें अपने बच्चों की जानकारी नहीं लग रही।

Updated on:
15 Jul 2026 08:50 am
Published on:
15 Jul 2026 08:50 am