नियमों से खिलवाड़: आरटीओ और पुलिस को करनी है कार्रवाई, लेकिन अफसर नहीं दे रहे ध्यान
भोपाल। राजधानी में पुराने शहर समेत अन्य क्षेत्रों में ई-रिक्शा बगैर रजिस्ट्रेशन के दौड़ रहे हैं। परिवहन विभाग ने छह महीने पहले इनके रजिस्ट्रेशन के आदेश जारी किए थे, पर आरटीेओ ने रजिस्ट्रेशन की शुरुआत नहीं की। नतीजतन शहर में अब भी 2500 से अधिक ई-रिक्शा के रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाए हैं। इन पर न तो नंबर हैं, न ही लाइसेंस है। विभाग के पास इन ई- रिक्शा का कोई रिकॉर्ड भी नहीं है।
ये हैं नुकसान
रजिस्ट्रेशन नहीं होने पर यदि इन रिक्शा से हादसे होते हैं तो आरटीओ की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हो पाएगी। पुलिस कार्रवाई भी मुश्किल होगी। इसके अलावा रजिस्ट्रेशन नहीं होने से इनका इंश्योरेंस भी नहीं है। मालूम हो कि कुछ साल पहले दिल्ली में ई रिक्शा की टक्कर से एक मासूम की मौत हो गई थी। इसके बाद पूरे देश में ई रिक्शा के रजिस्ट्रेशन की मांग उठी थी।
रूट का नहीं करते पालन
आरटीओ व ट्रैफि क पुलिस ने पिछले दिनों यातायात में होने वाली समस्या को देखते हुए ई-रिक्शा के पांच रूट तय किए थे। इनका पालन नहीं किया जा रहा है। ट्रैफि क पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जब तक इनकी रजिस्ट्रेशन नहीं हो जाता, तब तक चालानी कार्रवाई नहीं की जा सकती है।
2500 से अधिक अवैध ई-रिक्शा
शहर में करीब 2500 ई-रिक्शा अवैध तरीके से चल रहे हैं। ज्यादातर ने ई-रिक्शा फ ाइनेंस करा रखे हैं। इनकी बैटरी चार्ज करने के लिए अवैध सेंटर्स खुल गए हैं। चार्जिंग स्टेशन पर कमर्शियल कनेक्शन नहीं हैं। यहां चार्जिंग के एवज में 100 से 125 रुपए वसूले जाते हैं। इसकी शिकायत आरटीओ में भी की गई है। कमाई के लिए सुभाष नगर, करोंद, संजय नगर, पुलबोगदा समेत कई जगह ई-रिक्शा की बैटरी चार्ज करने के सेंटर्स खुल गए हैं।
चार्जिंग में चार यूनिट बिजली का खर्च
एक ई-रिक्शा की बैटरी को चार्ज करने में कम से कम चार यूनिट बिजली खर्च होती है। इस हिसाब से 2500 ई-रिक्शा की बैटरी चार्ज करने में रोजाना 10 हजार यूनिट बिजली की खपत हो रही है। 6 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से रोजाना 60 हजार रुपए की बिजली इस्तेमाल हो रही है। महीने की बात करें, तो यह रकम 18 लाख रुपए की बिजली ई-रिक्शा को चार्ज करने में खर्च हो रही है।
जुर्माना भी लगाया जा रहा है
अवैध चल रहे ई-रिक्शा के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। जिन रिक्शा के पास रजिस्ट्रेशन नहीं मिलता उन पर जुर्माना भी लगाया जा रहा है। -संजय तिवारी, आरटीओ
फैक्ट फाइल
-3000 ई-रिक्शे हैं शहर में
-500 ई-रिक्शा हैं आरटीओ में रजिस्टर्ड
- 2,500 ई-रिक्शा अवैध शहर में चल रहे हैं
- 10 से अधिक प्राइवेट स्टैंड बने हुए हैं
- 100 से 125 रुपए प्रति ई-रिक्शा की बैटरी चार्ज करने का स्टैंड संचालक लेते हैं.
- 4 यूनिट प्रति ई-रिक्शा को चार्ज करने में खर्च होती है बिजली
- 3.75 लाख रुपए महीना है स्टैंड संचालकों की कमाई