7th Battalion Super Fit Horses : घोड़ों को गर्मी में फिट और सेहतमंद रखने के लिए जबरदस्त इंतजाम। हर घोड़े की निगरानी में तैनात रहता है एक सेवादार। गर्मी से बचाने के लिए जंबो कूलर लगा है। पिलाया जाता है ग्लूकोज।
रोहित वर्मा की रिपोर्ट
7th Battalion Super Fit Horses : 7वीं बटालियन के अश्वारोही दल के घोड़ों को तेज गर्मी से बचाने के लिए हर घोड़े की सेवा में एक सेवादार तैनात किया गया है। अस्तबल में जंबो कूलर लगाए गए हैं। घोड़ों को स्वस्थ रखने के लिए और उन्हें एनर्जी देने के लिए ग्लूकोज पिलाया जा रहा है। डाइट और दवा के साथ नहलाने, मालिश करने के विशेष प्रबंध किए हैं। सोने और बैठने के लिए अस्तबल में रबर की मैट लगाई गई है। सूखी घास के स्पेशल बिस्तर की व्यवस्था की गई है।
7वीं बटालियन भोपाल के अश्वारोही दल के प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार गौड़ ने बताया कि, अस्तबल की 26 घोड़ों की स्टै्रन्थ है। मौजूदा समय में 19 घोड़े हैं। इनमें 8 हॉफ ब्रीड के और बाकी देशी नस्ल काठियावाड़ी और मारवाड़ी घोड़े हैं।
पुलिस मुख्यालय की डाइट के अनुसार, गर्मी के दिनों में हर घोड़े को रोजाना 11 किलो सूखी घास खिलाई जाती है। साथ ही, दो किलो चना, डेढ़ किलो जौ, 500 ग्राम चावल और 30 ग्राम नमक दिया जा रहा है। इसके साथ ही पशु चिकित्सक के परामर्श पर ग्लूकॉन डी और अन्य औषधियां दी रही हैं।
अस्तबल में बूढ़े घोड़े भी हैं। इनकी भी इतनी ही सेवा सत्कार हो रही है। पहले सेवाएं पूरी करने के बाद इन घोड़ों को नीलाम कर दिया जाता था। अब इन्हें अस्तबल में ही रखकर आजीवन भोजन, पानी, दवा और सेवा सत्कार करने के निर्देश हैं।
अश्वारोही दल के घोड़ों का उपयोग लॉ एंड ऑर्डर ड्यूटी के साथ ही 26 जनवरी, 15 अगस्त, स्थापना दिवस और पुलिस स्मृति दिवस परेड में उपयोग होता है। साथ ही राष्ट्रपति और राज्यपाल के सेरिमोनियल कार्यक्रम में ड्यूटी पर लगाया जाता है।
-पे-गैसस
अस्तबल में थारो ब्रिड का पे-गैसस (ग्रीक पौराणिक कथाओं में एक पंख वाले घोड़े के नाम पर) घोड़ा निडर के रूप में जाना जाता है। इसे परेड कमांडर के रूप में उपयोग किया जाता है। यह परेड में सबसे आगे चलता है। ढोल, पटाखों की आवाज और शोरगुल से नहीं डरता।
-ऑरो
थारो ब्रिड का बेहद खूबसूरत ब्लैक कलर का यह घोड़ा परेड कमांडर के टूवायसी के तौर पर काम करता है।
-रॉकी
थारो ब्रिड के इस नार्मल घोड़े को आरएपीटीसी इंदौर में ट्रेनिंग के बाद राजधानी लाया गया। इसका उपयोग परेड में उपकमांडर के तौर पर किया जा रहा है।
-शक्ति
थारो ब्रिड का यह जंपर घोड़ा पहले आरएपीटीसी इंदौर में था। अब राजधानी में परेड में उपयोग किया जा रहा है।
-प्रेरणा
थारो ब्रिड की यह घोड़ी सीधी सादी है। आरएपीटीसी इंदौर में ट्रेनिंग के बाद इसे राजधानी भोपाल लाया गया। लायन ऑर्डर ड्य़ूटी और परेड में इसका उपयोग किया जाता है। इनके अलावा शीबा, कंचन, राखी, बिजली, अरु, फज, विकराल और शक्ति जैसे अन्य घोड़े और घोडिय़ां भी हैं।
7वीं बटालियन से कमांडेंट हितेश चौधरी ने बताया कि, माउंटेड फोर्स कानून व्यवस्था को संभालने के लिए पुलिस विभाग का महत्वपूर्ण अंग है। इसलिए इनकी बेहतर व्यवस्था जरूरी है। हर मौसम में इनका ख्याल रखा जाता है। घुड़सवारी पुलिस अधिकारी, कर्मचारियों की दक्षता को बेहतर करने में अत्यंत उपयोगी होती है।