dearness allowance: तीन माह का एरियर मिलने पर 1860 से 24 हजार रुपए तक की राशि खाते में आएगी। यह राशि जुलाई माह, अगस्त माह और सितम्बर माह में दी जाएगी।
dearness allowance: मध्यप्रदेश के साढ़े सात लाख सरकारी कर्मचारियों के लिए यह अच्छी खबर है। 4 फीसदी महंगाई भत्ते का एरियर देने के आदेश जारी हो गए हैं। वित्त विभाग की ओर से कर्मचारियों को महंगाई भत्ते के एरियर का भुगतान रक्षाबंधन से पहले कर दिया जाएगा।
मध्यप्रदेश सरकार के कर्मचारियों को फिलहाल 46 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता (dearness allowance) मिल रहा है। जब 42 फीसदी महंगाई भत्ता मिल रहा था, तब सरकार ने 4 फीसदी महंगाई भत्ता बढ़ा दिया था। यह महंगाई भत्ता एक जुलाई 2023 से बढ़ाया गया था।
जुलाई 2023 से फरवरी 2024 के बीच तक का 4 फीसदी के हिसाब से भत्ते का एरियर तीन समान किस्तों में देने का निर्णय लिया गया है। यह सीधे कर्मचारियों के खाते में जमा किया जाएगा। सरकार के वित्त विभाग (mp Finance Department) ने एरियर देने के लिए राशि भी उपलब्ध करा दी है।
राज्य के कर्मचारियों को महंगाई भत्ते की चार फीसदी राशि के एरियर का भुगतान करने से मासिक वेतन में 900 से 6500 रुपए तक का इजाफा होगा। इसके बाद एक साथ दो माह की किस्त खाते में आने पर 1240 से 16 हजार रुपए तक का फायदा होगा। इसके अलावा तीन माह का एरियर मिलने पर 1860 से 24 हजार रुपए तक की राशि खाते में आएगी। तीन समान किस्तों में मिलने वाली यह राशि जुलाई माह, अगस्त माह और सितम्बर माह में दी जाएगी। सरकार ने लोकसभा चुनाव 2024 से पहले मार्च में कर्मचारियों को महंगाई भत्ता 4 फीसदी बढ़ाने के आदेश दिए थे।
मध्यप्रदेश राज्य के कर्मचारी केंद्र सरकार के कर्मचारियों से काफी पीछे हो गए हैं। केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 50 फीसदी महंगाई भत्ता दिया जा रहा है और मध्यप्रदेश के कर्मचारियों को 46 फीसदी मिल रहा है। जबकि राज्य सरकार के मुखिया कई बार केंद्र के समान महंगाई भत्ता दिए जाने का कई बार ऐलान कर चुके हैं। लेकिन, हमेशा ही राज्य सरकार पिछड़ जाती है।
मध्यप्रदेश के कर्मचारी केंद्र के समान 50 फीसदी महंगाई भत्ते की मांग कर रहे हैं, जबकि केंद्र सरकार एक कदम और आगे बढ़ सकती है। केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों को जल्द ही 3-4 फीसदी महंगाई भत्ता बढ़ा सकती है। जल्द ही इसकी घोषणा हो सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्र सरकार सितम्बर 2024 से महंगाई भत्ता बढ़ाने का ऐलान कभी भी कर सकती है। बताया जा रहा है कि महंगाई भत्ते के 50 फीसदी से अधिक हो जाने पर इसे बेसिक वेतन में नहीं जोड़ा जाएगा। इसकी बजाय भत्तों में बढ़ोत्तरी की जाएगी, जिसमें एचआरए भी शामिल है। यानी एक लिमिट के बाद महंगाई भत्ता बढ़ाने पर हाउस रेंट अलाउंस (hra) बढ़ जाएगा।