
भोपाल। मध्यप्रदेश में नगरीय निकाय कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए भी अब अच्छी खबर आ रही है। राज्य सरकार अब उन्हें भी सातवें वेतनमान का लाभ देने जा रही है। इस संबंध में निर्णय हो चुका है।
मध्यप्रदेश में नगरीय निकाय अधिकारियों और कर्मचारियों को भी सातवां वेतन मिलने जा रहा है। यह लाभ सभी को 1 अप्रैल 2016 से दिया जाएगा। इसका निर्णय पहले ही हो चुका है। प्रदेश में 378 नगरीय निकायों के 35 हजार से अधिक कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री माया सिंह के मुताबिक इस बारे में पहले ही निर्णय ले लिया गया है। नगरीय निकाय के अधिकारियों और कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ अप्रैल 2018 की सैलरी में जोड़कर दे दिया जाएगा।
इसके अलावा 1 जनवरी 2016 से लेकर 31 मार्च 2018 तक के वेतन एरियर्स की राशि के आदेश अलग से जारी कर दिए जाएगा। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक इन कर्मचारियों को एरियर्स की राशि कम से कम चार किस्तों में दी जा सकती है। इसकी तैयारी की जा रही है।
मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से अपने नियमित कर्मचारियों को सातवें वेतनमान के भुगतान की स्वीकृति के वक्त से ही कर्मचारी संगठन लगातार मांग कर रहे थे। नगरीय निकाय संगठन के पदाधिकारियों ने प्रदेश के मुख्यमुख्यमंत्री से भी मुलाकात कर सातवें वेतनमान की मांग की थी।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने प्रस्ताव किया था और वित्त विभाग को भेज दिया था। नगरीय विकास मंत्री माया सिंह ने साफ कहा कि 1 जनवरी 2016 से 31 मार्च 2018 तक की अवधि में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के स्वत्वों का निर्धारण भी जल्द कर दिया जाएगा। इसके आदेश जल्द जारी किए जाएंगे।
बड़े नगरीय निकायों को ज्यादा बोझ
नगरीय निकाय कर्मचारियों को 7वां वेतनमान देने से सरकार पर इसका अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। हालांकि भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन जैसे बड़े नगर निगमों पर इसका अधिक बोझ पड़ सकता है। क्योंकि यहां कर्मचारियों की संख्या ज्यादा है।
प्रोफसरों ने भी मांगा सातवां वेतनमान
इधर, यूजीसी के सरकारी कालेजों के प्रोफेसरों ने भी सातवें वेतनमान की मांग की है। उनका कहना है कि जब अन्य राज्यों में यह दे दिया गया है तो मध्यप्रदेश में क्यों नहीं दिया जा रहा है। प्रांतीय शासकीय महाविद्यालयीन प्राध्यापक संघ के प्रदेशाध्यक्ष प्रो. कैलाश त्यागी के मुताबिक सरकार के अन्य विभागों सहित दूसरे राज्यों में 7वां वेतनमान दिया गया है, लेकिन प्रदेश के सरकारी कालेजों के प्रोफेसर्स को अब तक नहीं मिल पाया है। इस संबंध में सोमवार को ही कर्मचारियों ने सरोजिनी नायडू कन्या महाविद्यालय के सामने एक घंटे तक प्रदर्शन किया।