
Navratri : शारदीय नवरात्र का त्योहार रविवार से शुरू होने जा रहा है। राजधानी भोपाल मां जगत जननी के स्वागत के लिए तैयारियां भी अंतिम दौर में हैं। शहर के क्षेत्रों में इस बार श्रद्धालुओं को देश- विदेश के प्रसिद्ध मंदिरों और शक्तिपीठों के दर्शन झांकियों के रूप में होंगे। राजधानी भोपाल में नवरात्रि में 25 मीटर ऊंचा पहाड़ बनाया गया है तो माता दुर्गा की झांकी के लिए डेढ़ एकड़ का पंडाल भी सजाया गया है। कहीं नेपाल के पशुपतिनाथ और मुक्तिनाथ धाम का स्वरूप आकार ले रहा है, तो कहीं वैष्णो देवी की गुफा से होकर माता के दरबार तक पहुंचने का रास्ता बनाया जा रहा है। बरखेड़ा पठानी और अवधपुरी में तैयार हो रहे पंडाल इस बार नवरात्र के प्रमुख आकर्षण होंगे।
25 मीटर ऊंचे पहाड़
बरखेड़ा पठानी के एसएन सेक्टर ग्राउंड में जय मां भवानी धर्म जागृति मंच की ओर से आकर्षक झांकी तैयार की जा रही है। करीब 1.35 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे इस पंडाल में नेपाल के प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर और मुक्तिनाथ धाम के साथ वैष्णो देवी गुफा का स्वरूप तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा चार धाम- केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के दर्शन भी श्रद्धालुओं को यहीं मिलेंगे। पंडाल में बांग्लादेश के ढाकेश्वरी शक्तिपीठ का स्वरूप भी आकर्षण का केंद्र होगा। श्रद्धालुओं को वास्तविक तीर्थस्थलों जैसा अनुभव देने के लिए कृत्रिम पहाड़, गुफाओं के रास्ते और विशेष रोशनी की व्यवस्था की जा रही है। कई संरचनाओं में पहाड़ों की ऊंचाई 25 मीटर तक रखी जाएगी। गुफाओं से होकर गुजरने वाला रास्ता श्रद्धालुओं को माता रानी के दरबार तक पहुंचाएगा।
अवधपुरी में इस बार पाकिस्तान के बलूचिस्तान स्थित प्रसिद्ध हिंगलाज मंदिर का स्वरूप तैयार किया जा रहा है। डेढ़ एकड़ क्षेत्र में बन रहे इस पंडाल पर लगभग 60 लाख रुपए खर्च किए जा रहे हैं।
विट्टल मार्केट हाट बाजार में श्रद्धालुओं को बाबा सोमनाथ मंदिर के स्वरूप के दर्शन होंगे। जय मां वैष्णो दुर्गा उत्सव एवं श्री राम रसोई समिति 24वें आयोजन में करीब 1 करोड़ 30 लाख रुपए की लागत से मंदिर आधारित झांकी तैयार करा रही है। कोलकाता के 42 कारीगर पिछले तीन महीने से इसे आकार देने में जुटे हैं। समिति संयोजक हरिओम खटीक और झांकी अध्यक्ष विजय गुप्ता ने बताया कि सोमनाथ मंदिर के 1000 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में इसकी धार्मिक महत्ता और गौरवशाली विरासत को दर्शाया जा रहा है। झांकी में 45 से 48 मूर्तियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी।