बैठक में तय किया कि नीमच के लिए वॉरिक समूह से मिले 850 करोड़ के सौर ऊर्जा संयंत्र के निर्माण की नींव अगले सप्ताह रखेंगे। जीआइएस में मिला यह पहला प्रस्ताव होगा, जिसे जमीन पर उतारने की शुरुआत होगी। सीएम ने बैठक में निवेश प्रस्तावों की निगरानी, उन्हें जमीन पर उतारने की विभिन्न स्तरों पर व्यवस्था की है।
MP News :मध्यप्रदेश में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट (GIS) व रीजनल समिट में मिले 30.77 लाख करोड़ के प्रस्तावों को जमीन पर उतारने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव(CM Mohan Yadav) ने सीएस अनुराग जैन के साथ सोमवार को एसीएस, पीएस स्तर के अधिकारियों की बैठक बुलाई। प्रस्तावों पर बारी-बारी से चर्चा की।
बैठक में तय किया कि नीमच के लिए वॉरिक समूह से मिले 850 करोड़ के सौर ऊर्जा संयंत्र(Solar Power Projects in MP) के निर्माण की नींव अगले सप्ताह रखेंगे। जीआइएस में मिला यह पहला प्रस्ताव होगा, जिसे जमीन पर उतारने की शुरुआत होगी। सीएम ने बैठक में निवेश प्रस्तावों की निगरानी, उन्हें जमीन पर उतारने की विभिन्न स्तरों पर व्यवस्था की है।
दक्षिण कोरिया का ईसीडीएस ग्रुप उज्जैन के मेडिकल डिवाइस पार्क में शोध और निर्माण पर केंद्रित इकाई की स्थापना करेगा। समूह क्यूबेबियो कंपनी के साथ साझेदारी में पहले चरण की परियोजना शुरू करेगा। 200 करोड़ से ज्यादा का निवेश किया जाएगा। रोजगार लगभग 500 के अवसर सृजित होंगे। इस इकाई में यूरिन परीक्षण से कैंसर के लक्षणों की पहचान करने के लिए किट बनाई जाएगी। प्रारंभिक अवस्था में कैंसर की पहचान कर तत्काल इलाज शुरू करने में मदद मिलेगी।
सीएम डॉ. मोहन यादव(CM Mohan Yadav) से सोमवार को ईसीडीएस ग्रुप के निवेशकों और शोधार्थियों ने भेंट की। सीएम ने कहा कि साउथ कोरियन ज्वाइंट वेंचर ग्रुप प्रदेश में बने बेहतर औद्योगिक वातावरण को देखते हुए मेडिकल उपकरणों, मेडिकल एआई, नैनो टेक्नोलॉजी, बायो पॉलीमर और नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश का इच्छुक है।
दक्षिण कोरिया के प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि समूह दूसरे चरण में प्रदेश में एविएशन, सेमीकंडक्टर आदि क्षेत्र में भी निवेश का इच्छुक है। समूह ने कौशल उन्नयन के लिए तकनीक और विशेषज्ञता साझा करने में भी रुचि दिखाई। प्रतिनिधिमंडल में डॉ. वुंग कवांग यांग, डॉ. युंगहून लिम, डॉ. सिओक किम, जोंग शिओल जंग, जेली शिओन, वू सिओक शुंग तथा राजेश भारद्वाज शामिल थे। इस दौरान मुख्य सचिव अनुराग जैन, प्रमुख सचिव औद्योगिकनीति एवं निवेश संवर्धन राघवेन्द्र कुमार सिंह भी मौजूद थे।