
mp police joint action against wildlife poaching (फोटो- AI)
MP News: अब प्रदेश की पुलिस (MP Police) भी बाघ, तेंदुए और मोर के शिकारियों को पकड़ने में वन विभाग की मदद करेगी। यही नहीं, पुलिस द्वारा की जाने वाली क्राइम समीक्षा में वन्यप्राणियों व पक्षियों के शिकार करने को लेकर दर्ज मामलों की भी समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा वन विभाग मप्र में विभिन्न तरह के अपराधों की पड़ताल करने वाली अन्य एजेंसियों की भी मदद लेंगे।
यह समिति मप्र स्टेट टाइगर सेल (MP State Tiger Cell) की 8वीं बैठक में बनी है। पत्रिका ने हाल में बताया कि बीते 52 सालों में 229 बाघ, 560 तेंदुए और 545 मोर समेत बड़ी संख्या में दूसरे वन्यप्राणियों का शिकार हुआ। ज्यादातर शिकार अवैध व्यापार के मकसद से किए जा रहे हैं तो कुछ की जान अंधविश्वास में ली जा रही है।
विशेष पुलिस महानिदेशक एसटीएफ की अध्यक्षता में हुई बैठक में बाघ, तेंदुआ, हाथी और अन्य वन्य जीवों पर मंडराते खतरे को चिंताजनक माना। वन्यप्राणियों की मौत पर विस्तार से चर्चा हुई। जिसमें सबसे प्रमुख कारण शिकार सामने आया तो सड़क दुर्घटना, रेल दुर्घटना, बिजली करंट से होने वाली मौतों पर भी बातचीत की। इन्हें रोकने के लिए ठोस कदम उठाने को लेकर सहमति बनी। अपराधियों द्वारा शिकार के लिए अपनाए जा रहे तरीकों पर भी चर्चा की।
कानून प्रवर्तन संस्थाओं जैसे वन्य जीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो, संचालनालय लोक अभियोजन, रेलवे सुरक्षा बल, शासकीय रेल पुलिस, सायबर पुलिस, डीआरआइ, सीबीआइ, कस्टम, इंटेलिजेंस ब्यूरो, वाइल्ड लाइफ फॉरेंसिक एवं हेल्थ, एनएफएसयू, एनटीसीए, स्टेट फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी भोपाल एवं सागर, परिवर्तन निदेशालय मप्र विद्युत वितरण कंपनी, टाइगर रिजर्व और मप्र स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स के अफसर-प्रतिनिधि शिकार रोकने और शिकारियों को पकड़ने में मदद करेंगे।
Published on:
22 Jan 2026 11:57 pm

बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
