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कलेक्टर गाइडलाइन: अब ‘घर की रजिस्ट्री’ कराना होगा महंगा, 80% तक बढ़ेंगे रेट

House Registration: बीते कई सालों में रजिस्ट्री की कीमतों में 200 फीसदी से अधिक औसत दर वृद्धि देखी गई।

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House Registration

House Registration प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source- freepik)

House Registration: एमपी के भोपाल शहर में रजिस्ट्री की कीमतों ने आमजन की चिंता बढ़ा रखी है। बीते पांच साल में ही देखें तो 340 क्षेत्रों में 80 फीसदी तक की वृद्धि हुई। 2009 से अब तक पंद्रह साल के दौरान रजिस्ट्री की कीमतों में 200 फीसदी से अधिक औसत दर वृद्धि देखी गई। जिले में एक अप्रेल से नई कलेक्टर गाइडलाइन लागू होनी है। जिले के जनप्रतिनिधि गाइडलाइन को बढ़ाने की बजाय घटाने की सलाह दे रहे हैं, लेकिन राजस्व बढ़ाने के लक्ष्य से इस पर कोई विचार नहीं किया जा रहा।

19 साल में एक बार रुकी, एक बार घटी

वर्ष 2006 से जारी कलेक्टर गाइडलाइन में 2009 से लगातार बढ़ोतरी का दौर है। इस दौरान 2019-20 में सिर्फ एक बार गाइडलाइन को यथावत रखा गया, जबकि इसके अगले वर्ष 2020-21 में दरों को 20 फीसदी तक घटाया गया। इसके बाद हर साल औसतन 10 से 12 फीसदी की दर से बढ़ोतरी जारी है।

अब दरें नहीं बढऩी चाहिए। पंजीयन विभाग को हमने दर घटाने का कहा है। बढ़ती दरों से लोगों में रजिस्ट्री के प्रति उत्साह घट रहा है, इससे राजस्व हानि हो रही है।- भगवानदास सबनानी, विधायक व जिला मूल्यांकन समिति सदस्य

आंकड़ों से समझें पूरी गणित

2021: 40 लोकेशन में 15 फीसदी तक दर वृद्धि।
2022: 2800 लोकेशन पर दर वृद्धि की। 400 लोकेशन पर 10 फीसदी, जबकि 2400 पर 20 फीसदी की बढ़ोतरी।
2023: 733 लोकेशन पर 25 फीसदी तक की बढ़ोतरी
2024: 1443 लोकेशन पर 8.19 फीसदी दर वृद्धि

ये हैं दिक्कतें

  • बावडिय़ा कला क्षेत्र में एक हेक्टेयर जमीन की गाइडलाइन चार करोड़ रुपए तय है। यहां कृषि भूमि का बड़ा हिस्सा अब भी अविकसित है, लेकिन इस दर से जमीन की बिक्री बड़ी मुश्किल है।
  • कोलार रोड से हटकर कृषि भूमि 5 करोड़ रुपए की गाइडलाइन है। कम दर में विक्रय जमीन का पंजीयन भी पांच करोड़ की दर से ही करना पड़ता है।

टैक्स वृद्धि करने की तैयारी

नगर निगम वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 23 मार्च को बजट प्रस्तुत करने जा रहा है। बजट राशि एवं अनुदान राशियों पर चर्चा के लिए महापौर परिषद ने इसे पारित कर दिया है। अब नगर परिषद की बैठक में बहुमत के आधार पर फैसला होगा। निगम प्रबंधन योजना आयोग की अनुशंसा को आधार बनाकर इस बजट में भी प्रॉपर्टी, वाटर और सीवेज जैसे मदों में टैक्स में 10 से 15 प्रतिशत की वृद्धि करने की तैयारी में है।