18 मार्च 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

एमपी में गेहूं खरीदी की बढ़ी तारीख, 19 लाख किसानों को अतिरिक्त बोनस देगी सरकार

Wheat Procurement- गेहूं उपार्जन के लिए इस बार 19 लाख से अधिक किसानों ने पंजीयन कराया, इन किसानों को प्रदेश सरकार अतिरिक्त बोनस भी देगी

2 min read
Google source verification
Wheat Procurement Date in MP Extended to April 1st

Wheat Procurement Date in MP Extended to April 1st

Wheat Procurement - मध्यप्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की तैयारियां तेजी से चल रहीं हैं। इधर कई जगहों पर कटाई में विलंब हो रहा है। ऐसे में राज्य सरकार ने गेहूं खरीदी की तारीख आगे बढ़ा दी है। प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि अब प्रदेश के 4 संभागों में 1 अप्रेल से गेहूं खरीदी Wheat Procurement in MP शुरु होगी। भोपाल, नर्मदापुरम, उज्जैन, इंदौर संभाग के जिलों में 1 अप्रेल से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी होगी जबकि बाकी संभागों में खरीदी 7 अप्रेल से होगी। गेहूं उपार्जन के लिए इस बार 19 लाख से अधिक किसानों ने पंजीयन कराया है। इन किसानों को प्रदेश सरकार अतिरिक्त बोनस भी देगी।

समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी इंदौर, उज्जैन, भोपाल एवं नर्मदापुरम संभाग में 1 अप्रैल से तथा शेष संभागों में 7 अप्रैल से की जाएगी। गेहूं की कटाई में देरी से सरकार ने यह निर्णय लिया। प्रदेश में पहले 16 मार्च व 23 मार्च से खरीदी शुरु होनी थी। गेहूं की खरीदी सरकारी कार्य दिवसों में सुबह 8 से रात 8 बजे तक की जाएगी।

मध्यप्रदेश में इस बार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए 19 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है। मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन Wheat Procurement के लिए प्रदेश के कुल 1904651 किसानों ने पंजीयन कराया है। गत वर्ष 15 लाख 44 हजार किसानों ने गेहूं बेचने के लिए पंजीयन कराया था।

गेहूं खरीदी पर 40 रुपए अतिरिक्त बोनस

मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि सरकार ने गेहूं खरीदी Wheat Procurement पर 40 रुपए अतिरिक्त बोनस देने का भी फैसला लिया है। इसके अंतर्गत प्रदेश में गेहूं की खरीदी 2625 रुपए प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी।

गेहूं बेचने के लिए इंदौर जिले में 71713, झाबुआ में 7120, धार में 44466, अलीराजपुर में 476, खण्डवा में 35104, बुरहानपुर में 523, बड़वानी में 4724, खरगोन में 27557, शाजापुर में 73878, नीमच में 19445, उज्जैन में 123281, आगर-मालवा में 42446, मंदसौर में 65195, देवास में 76442, रतलाम, 45912, अशोकनगर में 16454, दतिया में 19118, शिवपुरी में 21312, ग्वालियर में 13763, गुना में 22914, भिण्ड में 12788, मुरैना में 10893, श्योपुर में 17617, डिण्डौरी में 4478, मण्डला में 19611, जबलपुर में 49642, कटनी में 52126, सिवनी में 53288, नरसिंहपुर में 38416, छिन्दवाड़ा में 29163, बालाघाट में 4383, पांढुर्णा में 863, नर्मदापुर में 71831, बैतूल में 18686, हरदा में 40273, भोपाल में 37129, रायसेन में 76264, विदिशा में 86479, सीहोर में 101793, राजगढ़ 98537, सीधी में 12813, सिंगरौली में 10970, महूगंज में 8018, सतना में 56376, मैहर में 19787, रीवा में 46923, अनुपपुर में 882, शहडोल में 9479, उमरिया में 13445, टीकमगढ़ में 15552, निवाड़ी में 4116, सागर में 75791, पन्ना में 30052, दमोह में 39938 और जिला छतपुर में 34378 किसानों ने पंजीयन कराया है।