
संभवत: वह सड़क पार करने के प्रयास में था, लेकिन तेज वाहनों की लाइट के चलते उसे उल्टे पांव लौटना पड़ा। कुछ लोगों ने वीडियो बनाकर इसे वायरल किया। तब कहीं जाकर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। डीएफओ आलोक पाठक ने बताया कि आस-पास टॉर्च से काफी सर्च किया गया, लेकिन तब तक वह वापस लौट चुका था। सुबह भी एक टीम से उस क्षेत्र में सर्चिंग कराई गई, लेकिन वह नहीं मिला। कलियासोत में ही करीब दो दर्जन छोटे-बड़े मगरमच्छ हैं। कुछ दिन पहले मेंडोरा के गांव में भी एक मगरमच्छ घुस आया था। जिसने गांव के तालाब में डेरा डाल लिया है, अभी तक वह वहां से निकला नहीं है।
दिख चुके हैं बाघ और बाघिन
बीते दिनों ही भोपाल में बाघिन शिकार की तलाश में कलियासोत फेंसिंग के नजदीक नजर आई। सोमवार शाम को भी एक बार वहीं ट्रेस की गई। जानकारों की मानें तो झाड़ियां में कुछ जानवर छिप जाते हैं तो कुछ मानवीय बसाहट के चलते इधर-उधर हो जाते हैं। खाने की तलाश में बाघिन बाहर आने से मानवीय टकराव की संभावना भी बढ़ गई है। वन विभाग ने टाइगर मूवमेंट टीमों की सक्रियता और बढ़ा दी है। वन विभाग के एसडीओ आरएस भदौरिया ने कहा हम पत्र लिख रहे हैं। वन विभाग ने 12 फीट की जाली लगा रखी है, उतनी बड़ी जाली मदर बुल फॉर्म, अन्य बड़े कैंपस में लगनी चाहिए।
रेस्टोरेंट से कछुआ बरामद
बैरागढ़ क्षेत्र के बेहटा स्थित एंबिएंस रेस्टोरेंट एंड रिसोर्ट में रखे कछुए को वन विभाग की टीम ने जब्त किया है। कछुआ शेड्यूल वन का प्राणी है। सूची में इसका 46 वां नंबर है, इस आधार पर टीम ने वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत संचालक पर प्रकरण कायम किया है। वहीं संचालक का कहना है कि किसी अनहोनी से बचने के लिए कछुआ पाला था। डीएफओ आलोक पाठक ने बताया कि संचालक जय कुमार सबनानी पर प्रकरण कायम किया है। इसमें 25 हजार रुपए जुर्माना और तीन साल की सजा का प्रावधान है।