SIR : शहर में मतदाता सूची का शुद्धिकरण अभियान शुरु हुआ है। इस कैंपेन के तहत 1,16,925 ऐसे मतदाताओं की सुनवाई शुरु हुई है, जिनका पता डिजिटल मैप से नहीं मिल पा रहा।
SIR :मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 1 लाख से ज्यादा ऐसे मतदाता रह रहे हैं, जो निर्वाचन आयोग के डिजिटल नक्शे पर गायब हैं। अगर आप भी उनमें से एक हैं तो सोमवार से आपकी नागरिकता के साथ साथ मताधिकार की सुनवाई शुरू हो रही है। बता दें कि, शहर में मतदाता सूची का शुद्धिकरण अभियान शुरु हुआ है। इस कैंपेन के तहत 1,16,925 मतदाता ऐसे पाए गए, जिनका पता डिजिटल मैप से नहीं मिल रहा। यानी सरकारी रिकॉर्ड से तो आपकी प्रमाणिकता हो रही है, लेकिन मौजूदा समय में आप कहां रह रहे हैं, इसकी सटीक मैपिंग नहीं हो रही।
इन्हीं नो-मैपिंग वोटर्स की सुनवाई आज से शुरु हुई है। आज सुबह से भोपाल के सभी 85 वार्ड कार्यालयों, तहसील और नजूल दफ्तरों में सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी इन नो-मैपिंग मतदाताओं की दलीलें सुनी जा रही हैं। जिला निर्वाचन कार्यालय अब तक 50 हजार से ज्यादा लोगों को उनके घर पर नोटिस थमा चुका है। वहीं आपके इलाके के बीएलओ घर-घर जाकर नोटिस बांट रहे हैं, ताकि कोई भी पात्र मतदाता न छूटे।
जिला प्रशासन अबतक मतदाता सूची से कुल 4.38 लाख फर्जी या अपात्र नाम हटा चुका है। ऐसे में अगर आपके पास नोटिस पहुंचा है और उसके बाद भी आप सुनवाई में नहीं पहुंचते तो संभव है कि, अगली बार आप पोलिंग बूथ पर अपना नाम न ढूंढ़ पाएं। बीएलओ पर काम का बोझ बहुत ज्यादा है। सर्वर भी लगातार ठपप हो रहा है, लेकिन एक जागरूक नागरिक के नाते ये आपकी जिम्मेदारी है कि आप अपने वार्ड कार्यालय पहुंचें। संबंधित कार्यालय पहुंचने से पहले याद रखें कि, आपको भारत की नागरिकता प्रमाणित करने के लिए ये दस्तावेज अपने साथ ले जाना जरूरी हैं।
-आधार कार्ड या पासपोर्ट।
-निवास प्रमाण पत्र (बिजली बिल/राशन कार्ड)।
-आयु का प्रमाण।
-जारी किया गया नोटिस।
-वोटर आईडी अपडेट नहीं कराने से नौ-मैपिंग की समस्या