
Bhopal News : त्योहारी सीजन आया नहीं कि, शुद्ध के नाम पर मिलावटी माल खपाने का अवैध कारोबार फिर से शुरु हो गया। खासतौर पर देशी घी के नाम पर ग्राहकों को मिलावटी माल थमाया जा रहा है। बीते दिनों मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में जिला प्रशासन की टीम ने जो घी के सैंपल बरामद किए थे, वे सभी जांच में तय मानकों पर फेल पाए गए हैं। विभाग द्वारा लिए गए गोवर्धन प्योर काउ घी, द्वारकेश और धौलपुर फ्रेश प्रीमियम क्वालिटी देसी घी के नमूने एफएसएसएआई के तय मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं।
रिपोर्ट के आधार पर संबंधित कंपनियों और विक्रेताओं पर खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। इन कंपनियों का 25 लाख रुपए का माल सीज किया गया है। जांच में द्वारकेश घी के नमूने में बीटा - सिटोस्टेराल की मात्रा 2.38 मिलीग्राम प्रति 100 ग्राम मिली है, जबकि शुद्ध घी में इसकी मौजूदगी नहीं होनी चाहिए। ये वनस्पति तेल या वनस्पति वसा के मिश्रण का संकेत माना जाता है। इसके अलावा बीआर रीडिंग, पोलेंस्के वैल्यू, आयोडीन वैल्यू और सैपोनिफिकेशन वैल्यू भी निर्धारित मानकों से अलग मिली है। वहीं, गोवर्धन प्योर काउ घी के नमूने में सीसा (लीड) की मात्रा ने विभाग की चिंता बढ़ा दी है।
शहर के मंगलवारा - जुमेराती स्थित शीतला पूजा भंडार पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने भारी मात्रा में मिलावटी घी जब्त किया है। यहा सें अरिहंत और मक्खन श्री ब्रांड के घी का बड़ा स्टॉक बरामद किया गया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने नियमानुसार नमूने लेने के बाद अरिहंत घी के 15 किलोग्राम क्षमता वाले 33 टीन (कुल 494 किलोग्राम) जब्त किए हैं, जिसकी अनुमानित कीमत 3,95,200 रुपए आंकी गई है।
वहीं, मक्खन श्री घी के 60 टीन जब्त कर जांच के लिए 4 नमूने लिए गए हैं। इस दौरान छापामार टीम ने कुल मिलाकर 7,05,200 रुपए की सामग्री जब्त की है। सभी नमूनों को विधिवत परीक्षण के लिए राज्य प्रयोगशाला भेज दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि, ये संपूर्ण कार्रवाई खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिवराज पावक, अरुणेश पटेल, पंकज श्रीवास्तव, साधना सक्सेना और वर्षा व्यास की टीम द्वारा संपादित की गई है।
फूड एंड ड्रग प्रभारी शिवराज पावक ने बताया कि, जांच में गंभीर अमानक तत्व घी में मिले हैं। पूरा माल सीज कर प्रदेश में मौजूद इन कंपनियों के सभी गोदाम से माल उठवाया जा रहा है। सैंपल रिपोर्ट में हानिकारक तत्व की पुष्टि होने के बंद संबंधित संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।