
मुख्यमंत्री पद पर अप्रत्याशित नाम आने के बाद अब मंत्रिमंडल का सस्पेंस खड़ा हो गया है। वरिष्ठों और अनुभवियों को जगह मिलेगी या नहीं, तमाम चेहरे नए होंगे या कुछ ही नए होंगे, अंचल और जाति का ख्याल रखा जाएगा या नहीं, संगठन के पदाधिकारियों को लिया जाएगा या नहीं, ये तमाम प्रश्न सियासी हवा में है। फिलहाल सीएम व डिप्टी सीएम शपथ लेंगे, इसलिए कैबिनेट के गठन में समय लग सकता है। डॉ. मोहन यादव के सामने पहली चुनौती संतुलन की ही रहेगी। सीएम पद की शपथ के बाद कैबिनेट गठन को लेकर मशकत शुरू होगी। इस बार कैबिनेट के लिए भी शीर्ष नेतृत्व की मंजूरी लगेगी।
अब तक दो वर्ग छूटे
सत्ता परिवर्तन के बाद नहीं हुआ था संतुलन
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