AIIMS Bhopal Chain Snatching Case : एम्स भोपाल में 24 जनवरी को लिफ्ट में महिला कर्मचारी का मंगलसूत्र लूटकर भागने वाला पकड़ा गया है। बागसेवनिया पुलिस के अनुसार, आरोपी नर्सिंग का छात्र है।
AIIMS Bhopal Chain Snatching Case :मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित एम्स अस्पताल में बीते दिन लिफ्ट के अंदर महिला कर्मचारी का मंगलसूत्र लूटकर भागने वाले युवक को पुलिस ने दबोच लिया है। इस मामले में बागसेवनिया पुलिस खुलासा करते हुए बताया कि पकड़ा गया आरोपी नर्सिंग का तीसरे वर्ष का छात्र है। पुलिस जांच में पचा चला है कि, आरोपी ने अपनी गर्लफ्रेंड पर खर्च करने, मेट्रो शहर के महंगे खर्चों और दोस्तों से लिया उधार चुकाने के लिए वारदात को अंजाम दिया था। आरोपी ने मंगलसूत्र एक सुनार को बेच दिया था, जिसे पुलिस ने बरामद करते हुए सुनार को भी आरोपी बनाया है।
बता दें कि, आरोपी ने वारदात को उस समय अंजाम दिया था, जब एम्स में काम करने वाली वर्षा सोनी नाम की महिला अटेंडेंट लिफ्ट से ऊपर जा रही थीं। उसी वक्त आरोपी भी लिफ्ट में सवार हुआ और जैसे ही लिफ्ट का दरवाजा खुला वो महिला के गले से मंगलसूत्र झपटकर सामने स्थित सीढ़ियों के रास्ते भाग निकला। घटना के बाद महिला ने शोर मचाया, लेकिन आसपास कोई सुरक्षा गार्ड न होने के कारण आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहा। ये पूरी वारदात लिफ्ट में लगे सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुई, जिसका वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल रहा।
घटना के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की थी. एम्स परिसर और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए, जिससे आरोपी की पहचान हो गई। वायरल वीडियो और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची और उसे कटारा हिल्स के लहारपुर इलाके से दबोच लिया। आरोपी की पहचान 25 वर्षीय सुनील मीणा के रूप में हुई, जो राजस्थान के बारा जिले का रहने वाला है और भोपाल में रहकर नर्सिंग की पढ़ाई कर रहा है और तीसरे वर्ष का छात्र है।
पूछताछ में आरोपी सुनील मीणा ने चोरी करने का जो कारण बताया, उसे सुनकर पुलिस भी दंग रह गई। आरोपी ने गर्लफ्रेंड पर खर्च करने, महंगी बाइक और मोबाइल के खर्च और दोस्तों से ली हुई उधारी चुकाने के लिए लूट की वारदात को अंजाम दिया था। आरोपी ने मंगलसूत्र लूटकर मंडीदीप के एक सुनार को बेच दिया था। पुलिस ने मंगलसूत्र बरामद कर सुनार को भी आरोपी बनाया है। फिलहाल, पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर रिमांड की मांग की, ताकि उससे और भी वारदातों का पता लगाया जा सके।