भोपाल

AIIMS डॉक्टर को हार्ट अटैक आया तो नहीं मिली एंबुलेंस, हुई मौत

AIIMS के आया हार्ट अटैक तो नहीं मिली एंबुलेंस, हो गयी मौत

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Mar 06, 2019
AIIMS डॉक्टर को हार्ट अटैक आया तो नहीं मिली एंबुलेंस, हुई मौत

भोपाल . अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स आपात स्थिति में अपने ही एक चिकित्सक की जान नहीं बचा पाया। एम्स में काम काने वाले कम्युनिटी मेडिसिन के डॉ. रमेश चौहान को सोमवार रात करीब 12.00 हार्ट अटैक आया। वह उस समय एम्स से 500 मीटर दूर अपने सरकारी कवार्टर में थे। उनकी हालत बिगडऩे की सूचना साथियों जब एम्स अस्पताल की एंबुलेंस सेवा को दी तो वहां से टका सा जवाब मिला कि ड्रायवर नहीं है थोड़ी देर में एंबुलेंस आएगी।

करीब 45 मिनट बाद जब एंबुलेंस डॉक्टर के घर पहुंची और डॉक्टर को अस्पताल ले जाया गया। जहां ऑपेशन के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। इस मामले के सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन इसकी लीपापोती करने में जुट गया है।

प्रबंधन का कहना है कि डॉक्टर को बचाने की पूरी कोशिश की गई। एंजियोग्राफी के दौरान पता चला कि उन्हें ब्लॉक हैं। तुरंत एंजियोप्लास्टी की गई लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। गौरतलब है कि एम्स अस्पताल का सालाना बजट करीब तीन सौ करोड़ रुपए है। यहां तीस विभाग संचालित हो रहे हैं और हर रोज 2000 से ज्यादा मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। यही नहीं एम्स अस्पताल में 700 से ज्यादा मरीजों को भर्ती करने की सुविधा भी है इसके बावजूद यहां मात्र एक एंबुलेंस ही है।

पत्नी ने दिया सीपीआर

जानकारी के मुताबिक डॉ. चौहान की पत्नी भी एक निजी मेडिकल कॉलेज मे डॉक्टर है। जब डॉ चौहान को हार्ट अटैक आया तो वे उन्हें सीपीआर देने लगी। उस वक्त घर में कोई और सदस्य नहीं था, ऐसे में घर पर कार होते हुए भी वे डॉ. चौहान को अस्पताल नहीं ले जा सकीं। बताया जा रहा है कि एम्स अस्पताल में दवाओं के लिए भी उन्हें परेशान होना पड़ा।

घर गया था एंबुलेंस का ड्राइवर

जानकारी के मुताबिक जब डॉक्टर चौहान के घर उनकी पत्नी और दस साल की बच्ची है । जब डॉ. चौहान को सीने में दर्द हुआ तो उन्होंने तुरंत एंबुलेंस को कॉल किया। यहां पता चला कि एंबुलेंस का ड्रायवर घर गया हुआ है। कॉल अटेंडर ने कहा कि वे जल्द ही ड्रायवर को बुलाकर एंबुलेंस भेज रहे हैं। अन्य चिकित्सकों का कहना है कि एंबुलेंस को डॉक्टर चौहान के घर जाने में 30 से 45 मिनट लग गए।

हमें दुख है कि हमने एक नौजवान डॉक्टर खो दिया। जब परिजन का कॉल आया तब एंबुलेंस का ड्रायवर घर गया हुआ था। जैसे ही उसे सूचना मिली वो एंबुलेंस को लेकर डॉक्टर के घर पहुंच गया।
डॉ. सरवन सिंह, डायरेक्टर, एम्स

Published on:
06 Mar 2019 01:47 pm
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