भोपाल

आयुष कॉलेज की सीट छोड़ी तो लगेगा दो लाख जुर्माना

नए सत्र से नया नियम...
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Updated: 23 Feb 2018, 8:09 AM IST
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भोपाल। अब आयुष के छात्र एडमिशन लेने के बाद सीट छोड़ेंगे तो दो लाख रुपए का जुर्माना भरना पड़ेगा। आयुष संचालनालय के मुताबिक सरकारी आयुर्वेद कॉलेजों में बिना किसी मजबूत कारण के सीट खाली करने पर अर्थदंड का नियम नहीं लगाया था। अब इसे अनिवार्य किया जा रहा है। कॉलेजों की शिकायत रहती है कि छात्र सीट छोड़ते हैं तो फीस का नुकसान उठाना पड़ता है।

प्रदेश में 56 कॉलेज
आयुष संचालनालय से संबद्ध 56 कॉलेज हैं, जिनमें आयुर्वेद के 19, होम्योपैथी के 27, यूनानी चिकित्सा के चार और प्राकृतिक चिकित्सा के तीन संस्थान शामिल हैं। यहां करीब ढाई हजार छात्र अध्ययनरत हैं। पहले इन संस्थानों में मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जा रहा था, लेकिन अब अगले सत्र से नीट के जरिए प्रवेश होंगे, जिसके लिए न्यूनतम 50 नंबर रखे गए हैं।

ग्रामीण इलाकों में डॉक्टरों को 20 हजार तक क्षतिपूर्ति
भोपाल। ग्रामीण और छोटे कस्बाई क्षेत्रों में पदस्थ डॉक्टरों को बड़ी जगहों की तुलना में प्रैक्टिस में होने वाले नुकसान की भरपाई अब सरकार करेगी। विशेषज्ञ डॉक्टरों को हर माह 15 से 20 हजार रुपए व्यावसायिक क्षमतावरोधी क्षतिपूर्ति भत्ता देने तैयारी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में पदस्थ डॉक्टरों को छठवें वेतनमान के अनुसार यह क्षतिपूर्ति दी जाएगी। इससे करीब २५० चिकित्सा विशेषज्ञों को करीब २० हजार रुपए तक का हर माह फायदा होगा।

यह है वजह
ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों की हालत खराब है। कमजोर संसाधन और संभावनाओं के चलते डॉक्टर वहां जाना नहीं चाहते। ऐसी जगहों में उनकी प्रैक्टिस पर भी फर्क पड़ता है, जिला मुख्यालयों और नगरपालिका क्षेत्रों में थोड़ी स्थिति बेहतर होती है, इसलिए क्षतिपूर्ति का प्रावधान किया जा रहा है। वित्त विभाग ने छोटे कस्बे की परिभाषा पूछी थी, जिसपर स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि नगर पंचायत क्षेत्र को इस श्रेणी में रखा गया है और वहां स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सा विशेषज्ञों को भत्ता दिया जाएगा।

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