आरटीओ: बायोमेट्रिक्स अटेंडेंस से बचने कर्मचारी बना रहे नए नए बहाने, गजब: एक ऑफिस ऐसा जहां थंब इंप्रेशन लगाने से हो जाता है एक्सिडेंट
भोपाल. आप भी चौंके जरूर होंगे कि थंब इंप्रेशन से एक्सीडेंट कैसे हो सकता है। लेकिन यह बात सही है, भोपाल आरटीओ में कर्मचारियों के थंब इंपे्रशन से ना केवल एक्सीडेंट की संभावनाए बढ़ रही है बल्कि सड़कों पर ट्रैफिक नियम भी टूट रहे हैं। थंब इंप्रेशन से कई बच्चों के स्कूल से नाम कटने की नौबत भी आ गई। यह दावा हम नहीं बल्कि खुद आरटीओ कर्मचारी कर रहे हैं। दरअसल इन कर्मचारियों को समस पर दफ्तर ना आना पड़े इसके चलते वे हर रोज नए नए बहाने बना रहे हैं।
क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में बायोमेट्रिक्स सिस्टम से हाजिरी लगाने को लेकर कर्मचारी और आरटीओ कार्यालय आमने सामने आ गया है। कर्मचारी जहां इससे बचने के लिए रोज नए बहाने बनाकर थंब इंपे्रशन से बचने की कोशिश कर रहे हैं तो अधिकारी कर्मचारियों पर समय पर ऑफिस आने का दवाब बना रहे हैं।
बुधवार को आरटीओ ने थंब इंप्रेशन ना लगाने वाले कर्मचारियों को नोटस भी जारी किया। मालूम हो कि आरटीओ में ाकम समय पर शुरू हों, कर्मचारी नियमित रूप से दफ्तर आए, इसके लिए बीते महीने से थंब इंप्रेशन की शुरूआत की गई थी।
इस कवायद से आरटीेओ में आने वाले लोग भी खुश थे क्योंकि अमूमन दोपहर बाद आने वाले कर्मचारी भी अब समय पर मिल रहे थे। लेकिन यह बदलाव कर्मचारियों को रास नहीं आ रहा, ऐसे में वो थंब इंप्रेशन से बचने हर रोज नए बहाने बना रहे हैं।
तेज चलानी पड़ती है गाड़ी, हो सकता है एक्सिडेंट
कर्मचारियों का कहना है कि वे हर रोज दफ्तर आते हैं फिर बायोमेट्रिक क्यों लागू करना। कर्मचारियों की दलील है कि वे अक्सर कार्यालय के काम से बाहर जाते हैं ऐसे में अंगूठा नहीं लगा पाते और उनकी गैर हाजिरी दर्ज हो जाती है।
वहीं कुछ कर्मचारियों का कहना है कि तय समय पर अगर अंगूठा ना लगाओ तो सैलरी कटने का डर रहता है। हमें भागते हुए ऑफिस आना पड़ता है, कई बार गाडी भी तेज चलानी पड़ती है ऐसे में एक्सीडेंट का खतरा भी बढ़ गया है। एक कर्मचारी का कहना है कि थंब इंप्रेशन की वजह से हमें ट्रैफिक रूल्स तोडऩा पड़ रहा है तो कोई इसे अधिकारों का दुरुपयोग बता रहा है।
मामले में आरटीओ संजय तिवारी का कहना है कि जो लोग बहाने बना रहे हैं उन्हें नोटिस जारी किया गया है।