भोपाल

एमबीबीएस पाठ्यक्र्रम में भगवाकरण का आरोप, भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने

खास विचारधारा को लोगों पर थोपना चाहती है भाजपा - कमलनाथदेश में जो आदर्श हैं, उनके बारे में छात्रों को जानना चाहिए - वीडी

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Sep 07, 2021
एमबीबीएस पाठ्यक्र्रम में भगवाकरण का आरोप, भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने

भोपाल। मध्यप्रदेश में एमबीबीएस पाठ्यक्रम को लेकर विवाद शुरू हुआ है। विवाद इसके फाउंडेशन कोर्स में आरएसएस के संस्थापक हेडगेवार और भाजपा के दीनदयाल उपाध्याय के विचार को शामिल किए जाने को लेकर है। इसको लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने हैं। राजनीति भी गरमाई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने राज्य सरकार से सवाल पूछा है कि सरकार बताए कि देश की आजादी व विकास में हेडगेवार और दीनदयाल का क्या योगदान रहा है। भाजपा शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर अपनी विचारधारा को थोपने का प्रयास वर्षों से कर रही है और यह उसी एजेंडा का हिस्सा है। भाजपा यह स्पष्ट करे कि इन लोगों ने देश के लिए ऐसे कौन से उल्लेखनीय कार्य किए हैं जिसे मेडिकल के छात्रों को बताया जाएगा।

इस पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा कि देश में जो भी आदर्श रहे हैं, उनके बारे में सभी को जानने का अधिकार है। मेडिकल के छात्र भी इनके बारे में जरूर जानेंगे। महात्मा गांधी, सुभाषचंद बोस, चंद्रशेखर आजाद, जिन्होंने क्रांतिकारी आंदोलन खड़ा करके देश के लिए सब कुछ न्यौछावर कर दिया था। हेडगेवार ने देश को एक सूत्र में बांधने का काम किया है। उन्होंने कहा गर्व की बात है कि देश को एक सूत्र में बांधने के लिए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की स्थापना कर बड़ा विचार देश को दिया है।

यह है मामला -

एमबीबीएस के छात्रों के बौद्धिक विकास के लिए देश के विचारकों के विचार सिलेबस में जोड़ा जाएगा। इसके लिए सरकार द्वारा तैयार सूची में महर्षि चरक, आचार्य सुश्रुत, स्वामी विवेकानंद, आरएसएस के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार, जनसंघ के संस्थापक दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. भीमराव अंबेडकर का नाम शामिल हैं। राज्य के चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने फरवरी माह में विभाग को नोटशीट भेजकर पांच सदस्यों की कमेटी बनाई थी। इससे मिले सुझाव के आधार पर जीवन दर्शन वाले फाउंडेशन कोर्स में इसे शामिल किया जाएगा। ये सभी एथिक्स टॉपिक का हिस्सा होंगे।

Published on:
07 Sept 2021 12:25 am
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