Ladli Behna Yojana- मध्यप्रदेश में लाड़ली बहना योजना सुर्खियों में बनी हुई है। एक ओर जहां योजना के संबंध में कांग्रेस नेता द्वारा दिए गए बयान का सत्ताधारी बीजेपी विरोध कर रही है वहीं दूसरी ओर पोर्टल से हजारों महिलाओं के नाम काटे जा रहे हैं।
Ladli Behna Yojana- मध्यप्रदेश में लाड़ली बहना योजना सुर्खियों में बनी हुई है। एक ओर जहां योजना के संबंध में कांग्रेस नेता द्वारा दिए गए बयान का सत्ताधारी बीजेपी विरोध कर रही है वहीं दूसरी ओर पोर्टल से हजारों महिलाओं के नाम काटे जा रहे हैं। राजगढ़ में ही अभी तक 10 हजार महिलाओं के नाम कट चुके हैं पर नए नाम जोड़ने के लिए पंजीयन शुरु नहीं किया गया है। महिलाएं अपनी राशि के लिए परेशान हो रहीं हैं। इधर विदिशा जिले में भी लाड़ली बहना योजना में बड़ी गफलत सामने आई है। यहां हजारों महिलाओं की योजना की राशि रोकी गई है। लाड़ली बहना योजना की इन पात्र महिलाओं की दो माह की राशि रुकी पड़ी है। खास बात यह है कि विभागीय अधिकारी राशि रोके जाने की वजह भी नहीं बता पा रहे हैं।
विदिशा में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना से जुड़ी कई महिलाओं के खातों में राशि नहीं आई है। महिलाओं ने महिला एवं बाल विकास विभाग से इसकी शिकायत की है। योजना के लाभ से महिलाओं के वंचित होने की स्थिति जुलाई महीने से जारी है।
पात्र महिलाओं की शिकायत के बाद विभाग के अधिकारी सक्रिय हुए। जिला अधिकारियों ने संचालनालय को वस्तुस्थिति से अवगत कराया लेकिन दो महीने का वक्त व्यतीत हो जाने के बावजूद अभी तक वहां से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल सका है।
योजना के तहत जून महीने तक 2,76,439 महिलाओं के खाते में राशि आती रही लेकिन जुलाई में केवल 2,75,178 महिलाओं के खाते में राशि आईं। इस तरह 1261 महिलाएं योजना के लाभ से वंचित हो गई। इन महिलाओं की शिकायत पर विभागीय अधिकारियों ने स्थानीय स्तर पर जांच पड़ताल कर महिला एवं बाल विकास संचालनालय भोपाल के आयुक्त को पत्र लिखकर वस्तुस्थिति से अवगत कराया।
शासन स्तर पर इस मामले में जांच चल ही रही थी कि अगस्त महीने में 129 और महिलाओं की राशि रूक गई। इस तरह से अगस्त महीने में जून की तुलना में 1390 महिलाओं को योजना की राशि नहीं मिली।
जिन महिलाओं की राशि रोकी गई है उनकी ओर से लगातार शिकायतें जारी हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार शासन स्तर से मौखिक रूप में बताया गया कि महिलाओं ने पेंशन योजना के तहत राशि प्राप्त की है। इस कारण उनकी बहना योजना की राशि नहीं आई। यह बात और है कि अभी संचालनालय से लिखित रूप में कोई भी कारण स्पष्ट नहीं किया गया है और न ही पोर्टल में कारण दर्ज हुआ है। जबकि महिलाओं के अपात्र होने पर कारण पोर्टल पर ही स्पष्ट हो जाता है।
इसके अलावा योजना की लाभार्थी महिलाओं का कहना है कि उनकी ओर से पेंशन योजना का लाभ नहीं लिया गया है। पेंशन का लाभ लिया जाता तो पोर्टल पर अपात्र घोषित कर दिया जाता, लेकिन पोर्टल पर वह पात्रों की सूची में शामिल हैं।
महिला एवं बाल विकास विभाग की डीपीओ विनीता लोढ़ा बताती हैं कि जुलाई और अगस्त में कई महिलाओं की राशि नहीं आई है। इस संबंध में शासन स्तर पर पत्राचार किया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही कारण स्पष्ट होगा। जो महिलाएं पात्र होंगी, उन्हें हर हाल में योजना का लाभ दिया जाएगा।