Madhya Pradesh Budget 2026-27: महंगाई, बेरोजगारी, आवास, खाद्य़ान्न को लेकर भड़का गुस्सा, बोले नहीं चाहिए लाड़ली बहना योजना जैसी डीबीटी स्कीम्स, हमें चाहिए हमारा हक... जानें मोहन सरकार से क्या मांग रहे एमपी के युवा...
Madhya Pradesh Budget 2026: आगामी बजट से पहले शहर के आमजन का आक्रोश चरम पर है। केवल सब्सिडी और मुफ्त राशन के भरोसे गरीब को आत्मनिर्भर बनाने का दावा करने वाली सरकार जमीनी हकीकत से कोसों दूर है। गैस, अनाज और आवास जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष करता मध्यम वर्ग केवल आंकड़ों की बाजीगरी नहीं, बल्कि ठोस समाधान और रोजगार चाहता है।
ये भी पढ़ें
शहर के सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र कोठारी ने बताया कि आज का युवा वर्ग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। डिग्री हाथ में है पर अवसर नहीं हैं। सरकार के डिजिटल इंडिया' जैसे नारे युवाओं की थाली में रोटी नहीं परोस पा रहे हैं। उनका कहना है कि, गामी बजट में शिक्षा और स्वास्थ्य पर जीडीपी का बड़ा हिस्सा खर्च हो और पुरानी जर्जर व्यवस्थाओं को बदला जाए, वरना जनाक्रोश आने वाले समय में सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनेगा।
सरकार सब्सिडी के नाम पर केवल झुनझुना थमा रही है, इससे जीवन स्तर में कोई बदलाव नहीं आया। सरकार को इस बार (Madhya Pradesh Budget 2026) सब्सिडी से आगे बढ़कर तीन कदम उठाने होंगे, इसमें मुफ्त शिक्षा, सस्ती स्वास्थ्य सुविधाएं और कौशल विकास के स्थाई केंद्र। जब तक बुनियादी ढांचा मजबूत नहीं होगा, सब्सिडी सरकारी खजाने पर बोझ बनी रहेगी।
-अनुपना नामदेव, युवा
इस बार का बजट (Madhya Pradesh Budget 2026) बेरोजगारी के खिलाफ होना चाहिए। केवल राशन देने से बात नहीं बनेगी, क्योंकि पेट भरने के साथ हाथ को काम भी चाहिए। फ्री स्कीम्स की जगह लघु उद्योगों को बढ़ावा मिले, युवाओं को बिना ब्याज के ऋण और कौशल रोजगार सृजित हों। राशन बांटने से स्वाभिमान मर रहा है, आत्मनिर्भरता केवल स्थाई रोजगार से ही संभव है।
-पुष्पेंद्र शुक्ला, युवा