कभी भी सोते समय इस दिशा की ओर न रखें सिर, हो सकता है बड़ा नुकसान
भोपाल। अच्छी सेहत के लिए पौष्टिक आहार, योग-ध्यान के साथ-साथ नियमित दिनचर्या भी जरूरी है लेकिन स्वस्थ रहने के लिए अच्छी नींद लेना भी बहुत जरूरी है। सात से आठ घंटे की नींद लेने पर मनुष्य दिमाग और दिल दोनों से स्वस्थ रहता है लेकिन कई बार लोग सोते समय कुछ चीजों को अनदेखा कर देते है जिसके चलते कई बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। शहर के ज्योतिषातार्य पंडित जगदीश शर्मा बताते है कि फेंग शुई में बताया गया है कि सोते समय अपने सिर को कभी भी उत्तर दिशा की ओर नहीं रखना चाहिए। अगर आप ऐसा करते है तो आपको कई बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। जानिए सोने के दौरान वे कौन सी बातें हैं जिनका ध्यान रखना जरूरी है व घर की अन्य जरूरी बातें..
- जब भी सोने के लिए जाएं तो इस बात का विशेष ध्यान रखें कि उत्तर दिशा की ओर सिर न रहे। मनुष्य का पैर दक्षिणी ध्रुव और सिर उत्तरी ध्रुव में होने से दोनों में विकर्षण पैदा होगा। अगर ऐसा होता है तो मनुष्य के शरीर में रक्त प्रवाह और नींद में बाधा पैदा होने से तनाव उत्पन्न होगा। वास्तु शास्त्र के अनुसार अच्छे स्वास्थ्य के लिए सोते समय पैर उत्तर दिशा की ओर होने चाहिए। यानी दक्षिणी दिशा में सिर रखकर सोना चाहिए।
- अगर आप एक ही पोजीशन में नहीं रह सकते है तो दूसरी स्थिति यह हो सकती है कि सिर पूरब और पैर पश्चिम दिशा की ओर रखा जाए। मान्यताओं के अनुसार इस स्थिति को बेहतर बताया गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि सूरज पूरब की ओर से निकलता है। सनातन धर्म में सूर्य को जीवनदाता और देवता माना गया है। ऐसे में सूर्य के निकलने की दिशा में पैर करना उचित नहीं माना जा सकता. इस वजह से पूरब की ओर सिर रखा जा सकता है।
- कहा जाता है कि संध्या के वक्त, खासकर गोधूलि बेला में सोने की मनाही है। जब भी सोने जाए तो करीब 2 घंटे पहले ही भोजन कर लेना चाहिए। सोने से ठीक पहले कभी भी भोजन नहीं करना चाहिए। अगर बहुत जरूरी काम न हो तो रात में देर तक नहीं जागना चाहिए।
- जब भी सोने जाए तो ध्यान रखें कि अपने चित्त को शांत रखने की कोशिश करनी चाहिए। सोने से पहले भगवान का स्मरण करना चाहिए।