भोपाल

एमपी में बैंक बंद, कामकाज ठप्प, राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर हजारों कर्मचारी

Bank Strike: दस केंद्रीय श्रमिक संगठनों और स्वतंत्र ट्रेड यूनियनों के आव्हान पर 9 जुलाई को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आयोजन किया गया है। इसमें बैंक, बीमा, डाक, सार्वजनिक उपक्रमों, रक्षा, खदान, निर्माण और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े कर्मचारी शामिल होंगे।

2 min read
Jul 09, 2025
mp bank strike (फोटो सोर्स : एआई जेनरेटेड)

Bank Strike: केंद्र सरकार की नीतियों और श्रम कानूनों में बदलाव के विरोध में विभिन्न विभागों के कर्मचारी आंदोलन के रास्ते पर हैं। दस केंद्रीय श्रमिक संगठनों और स्वतंत्र ट्रेड यूनियनों के आव्हान पर 9 जुलाई को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आयोजन किया गया है। इसमें बैंक, बीमा, डाक, सार्वजनिक उपक्रमों, रक्षा, खदान, निर्माण और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े कर्मचारी शामिल होंगे।

हड़ताल के एक दिन पहले, मंगलवार को राजधानी भोपाल में बैंक कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। वहीं बुधवार को सुबह 10 बजे कर्मचारी और अधिकारी प्रेस कॉम्पलेक्स में एकत्र होकर रैली निकालेंगे और सभा करेंगे। इस दौरान आंदोलनकारी संगठनों ने सरकार के खिलाफ 17 सूत्रीय मांगों को लेकर सूची जारी की है।

इतने कर्मचारी प्रर्दशन में होंगे शामिल

यूनियनों का दावा है कि भोपाल में 1000 से ज्यादा कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल में हिस्सा लेंगे, वहीं राज्यभर में 40 से ज्यादा यूनियनें इसमें भागीदारी करेंगी। वहीं पूरे प्रदेश के करीब 40 हजार बैंककर्मीयों के इस हड़ताल में शामिल होने की बात सामने आई है। इससे एमपी के लगभग साढ़े 8 हजार शाखाओं में कामकाज पर असर पड़ेगा।

राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान

केंद्रीय श्रमिक संगठनों और स्वतंत्र ट्रेड यूनियंस ने केंद्र सरकार की जन एवं श्रम विरोधी नीतियों के खिलाफ और 17 सूत्रीय मांगों के निराकरण के लिए 9 जुलाई 2025 बुधवार को राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल का आह्वान किया है। हड़ताली संगठनों के सभी सदस्य इंदिरा प्रेस कांम्प्लेक्स (आईपीसी) डाक भवन के सामने होशंगाबाद रोड भोपाल स्थित पंजाब नैशनल बैंक की शाखा के सामने एकत्रित होकर संयुक्त प्रदर्शन, रैली एवं सभा का आयोजन किया गया है।- वी के शर्मा, प्रवक्ता, ट्रेड यूनियनों का संयुक्त मोर्चा भोपाल

प्रमुख मांगें

  • पर्याप्त संख्या में नई भर्तियां हो।
  • निजीकरण और विनिवेश पर रोक।
  • आउटसोर्सिंग व ठेका पर रोक।
  • पुरानी पेंशन योजना लागू हो।
  • जीवन व स्वास्थ्य बीमा पर जीएसटी समाप्त करना।
  • बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत विदेशी निवेश पर रोक।
  • सार्वजनिक बीमा कंपनियों का एकीकरण।
Also Read
View All

अगली खबर