भोपाल

मध्यप्रदेश में चोरी-छिपे बिक रही है प्रतिबंधित चाइना डोर, जानें खतरनाक धागे से कैसे बचे जिंदगी

मकर संक्रांति के साथ ही आसमान पतंगों से सजने लगा है और चाइना डोर से हादसों की गिनती भी बढऩे लगी है। ऐसा ही एक हादसा उज्जैन में सामने आया है, जिसमें महाकाल के दर्शन करने इंदौर से यहां पहुंचे एक श्रद्धालु की नाक और गाल कट गए, यहां पढ़ें इस खतरनाक डोर से कैसे बचा जाए...
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Updated: 3 Jan 2024, 1:48 PM IST
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चाइना डोर से हादसे और मर्डर केस के मामले अक्सर तूल पकड़ लेते हैं। ऐसा अपराध जो आसमान को आबाद करते धरती पर हो जाता है। सबूत के नाम पर पुलिस का हाथ लगती है केवल प्रतिबंधित चाइना की डोर लेकिन हत्यारा पुलिस गिरफ्त के नाम पर सिर्फ चुनौती बनकर रह जाता है। मकर संक्रांति पर्व आने को है, लेकिन पतंगों का दौर पहले ही शुरू हो जाता है और प्रतिबंधित होने के बावजूद चाइना डोर से हादसों की गिनती भी। जानें इस जानलेवा चाइना डोर से कैसे बच सकती है जिंदगी...

मंगलवार को महाकाल के दर्शन करने उज्जैन पहुंचा एक श्रद्धालु भी चाइना डोर से घायल हो गया। उसकी नाक और उसके गाल कट गए। महाकाल पुलिस ने बताया कि इंदौर में मालवा मिल निवासी तरुण पिता राजू राव सिगारे, पत्नी बच्चों व साथी अमन के साथ अलग अलग बाइक पर सवार होकर उज्जैन महाकाल दर्शन करने आए थे। मंगलवार दोपहर को वे दर्शन कर बाइक से वापस लौट रहे थे, तभी हरिफाटक ब्रिज पर हवा में कटकर आई पतंग की डोर उनके नाक और गाल से टकरा गई। वे कुछ समझ पाते इसके पहले ही नाक पर चाइना डोर से घाव लग गया, उन्होंने तुंरत बाइक रोकी तब तक डोर खींच चुकी थी और उसका दूसरा रिग्गा गाल पर जा लगा। इसी बीच तरुण ने बाइक रोक डोर पकड़ ली। चाइना डोर से चेहरे पर लगे घाव से खून बहता देख पत्नी बच्चे और साथी घबरा गए। तुरंत साथी अमन तरुण को बाइक पर बैठा अस्पताल लेकर पहुंचा और प्राथमिक उपचार करवाया। हालांकि डॉक्टर के अनुसार उसे ज्यादा गहरे घाव नहीं लगे हैं।

* चाइना डोर से हताहत होने का यह पहला मामला नहीं है। 10 दिन पहले भी हरिफाटक ब्रिज पर चाइना डोर की चपेेट में आने से युवक का गला कट गया था।

* वहीं बीते साल पांच लोगों सहित 10 साल की बच्ची चाइना डोर की चपेट में आ गई थी, ये सभी गंभीर घायल हुए थे।

* 2022 में इंदिरा नगर की रहने वाली युवती का चाइना डोर से गला कट गया था, जिससे उसकी जान चली गई थी।

चोरी छिपे ऑनलाइन हो रही डिलीवरी

इन सब घटनाओं के सामने आने और पुलिस द्वारा सख्ती के बाद भी चाइना डोर पर प्रतिबंध नहीं लग पाया। पिछले दिनों पत्रिका ने पड़ताल में खुलासा किया था कि इंदौर, भोपाल और ग्वालियर के व्यापारी ऑनलाइन बिक्री कर होम डिलीवरी कर रहे हैं। इन व्यापारियों के नंबर भी पत्रिका ने जारी किए थे, लेकिन अब तक ऑनलाइन बिक्री करने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई नहीं कर पाई। अब भी शहर में चाइना डोर का उपयोग कर लोग पतंग उड़ा रहे हैं। मंगलवार को सामने आई इस घटना के बाद एक बार फिर पुलिस ने एडवायजरी जारी की है। जिसमें कहा गया है कि चाइना डोर की बिक्री और उपयोग करने वाले दोनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

हर साल होते हैं हादसे

मकर संक्रांति के पर्व से 15 दिन पहले ही चाइना डोर से हादसे होने की सूचनाएं मिलना शुरू हो जाती हैं। ये हादसे इन 15 दिनों में बढ़ जाते हैं। कभी घायलों की गिनती होती है, तो कभी मरने वालों की। वहीं इन 15 दिनों के अलावा भी एक-दो महीने में औसत एक मामला ऐसा जरूर सामने आता है।

कई जिलों में धारा 144 के तहत प्रतिबंधित की जाती है चाइना डोर

हादसों को रोकने के लिए कई जिलों में कलेक्टर को धारा 144 के तहत धारा लगानी पड़ती है। जिसके तहत चाइना डोर के इस्तेमाल पर 144 के तहत खरीदी और बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया जाता है। वे आदेश में बताते हैं कि ये पाबंदी भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत लगाई गई है। आम जनता एवं पशु-पक्षियों के जीवन को बचाने के लिहाज से चायना डोर के इस्तेमाल और बेचे जाने पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया जा रहा है।

ऐसे बच सकती है जान

देश के कई शहरों में ऐसे मामले सामने आए हैं। जिनके बाद प्रशासनिक एडवाइजरी जारी की जाती है ताकि लोग अवेयर रहें। वहीं कुछ ट्रिक्स फॉलो की जाती हैं, हालांकि ये ट्रिक्स ठोस उपाय नहीं हैं, लेकिन कुछ हद तक जान जाने के मामलों में कमी ला सकती हैं।

* गुजरात केे सूरत और अहमदाबाद में इन दिनों ओवर ब्रिज या फ्लाई ओवर्स पर ऊंचे बांस या खंभे लगा दिए जाते हैं। इन पर मोटे धागे बांधे जाते हैं ताकि, इन पर से गुजरने वाले लोग चाइना डोर के शिकार न हों।

* वाहनों पर जाने वाले लोग इसकी चपेट में आएं इससे पहले ही ऊंचाई पर बंधे ये धागे चाइना डोर को कुछ हद तक वाहन चालकों तक पहुंचने से पहले ही रोक देते हैं। वहीं वाहन चालक डोर दिखते ही अलर्ट हो जाते हैं, तो मामला घायल होने तक बना रहता है, जान जाने से बच जाती है।

* दूसरी ट्रिक जो वाहन चालकों को खुद करनी चाहिए, वह यह है कि वाहन चालकों को अपनी बाइक या साइकिल पर हेंडेल्स को कवर करते हुए लोहे की छडिय़ां या तार बांध लेते हैं ताकि डोर डायरेक्ट उनके चेहरे या गरदन तक न पहुंचे। समय रहते वे जैसे-तैसे हादसों से बचने के प्रयास कर सकें।

* सबसे बड़ी जरूरी बात हेलमेट जरूर पहनें और सतर्क रहकर ड्राइविंग करें।

* जिन इलाकों में हादसे होने की आशंका ज्यादा है वहां वाहनों को फर्राटे से न दौड़ाएं।

* ध्यान रखें कि चाइना डोर खरीदना बंद करें।

* अगर आपके पास है तो बच्चों की पहुंच से दूर रखें।

* उसका इस्तेमाल बिल्कुल न करें।

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3 Jan 2024, 1:48 PM IST
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