10 वर्षीय मासूम ने बताई दर्दनाक दास्तां, सुनकर खड़े हो गए रोंगटे।
भोपाल। पंडित अंकल स्कूल जाते वक्त मुझे हर रोज जहांगीराबाद थाने के सामने पान की दुकान लगाने वाले अंकल के साथ बाइक पर जबरन बैठाकर सुमन आंटी के घर ले जाते थे। आंटी मुझे पंडित अंकल (ज्ञानेन्द्र पंडित), पान वाले अंकल (गोकुल चौरसिया), दादा (नन्हू) के साथ कमरे में बंद कर देती थी। तीनों मेरे साथ तब तक गलत करते थे, जब तक मैं बेहोश नहीं हो जाती थी।
इसके बाद मेरे चेहरे पर पानी छिड़क कर होश में लाते और फिर गलत करते। रोती तो मुंह पर तकिया रख मेरी आवाज दवा देते थे। नन्हू दादा बहुत खराब है, शराब पीकर मारता था। वह कई आंटी को लेकर आता था, फिर मेरे सामने उनसे गलत करता था। मुझे देखने को बोलता था। जब मैं यह बात सुमन आंटी को बताती तो वह कहती थी कि किसी को नहीं बताना, नहीं तो तुम्हारी बहन, अम्मी को मार डालेंगे, तुम्हें फिर कहीं बेच आएंगे।
यह पीड़ा जहांगीराबाद में रहने वाली उस 10 साल की मासूम की है, जो करीब पांच माह तक तीन दरिंदों के हवस का शिकार होती रही। मालूम हो कि पांचवीं कक्षा की 10 वर्षीय मासूम को के साथ ज्ञानेन्द्र पंडित, गोकुल चौरसिया, नन्हू लाल उर्फ दादा दरिंदगी करते थे। आरोपी सुमन पांडेय के घर में उसे लेकर जाते थे। सुमन पैसा लेकर दरिंदों की मदद करती थी। (अपनी आप बीती बताते-बताते बच्ची रोने लगी)
तीनों को फांसी मिले, आंटी को काला पानी -
बच्ची ने कहा कि तीनों को फांसी दी जाए, जबकि सुमन आंटी को काला पानी की सजा मिले। जब बच्ची की मां ने पूछा कि काला पानी क्या होता है, तो बच्ची ने बताया टीवी पर मैंने देखा है। काला पानी की सजा, वह कभी बाहर नहीं आए।
पंडित की हरकत से बदल लिया था घर
बच्ची की मां ने बताया कि जब उसकी बड़ी बेटी बाथरूम में जाती थी तो पंडित खिड़की से ताका-झांकी करता था। बड़ी बेटी से दोस्ती करने को कहता था न करने पर दूसरी लड़की से दोस्ती कराने की कहता था। बेटी ने इनकार कर दिया तो उसे धमकाता था। उसे कई बार इसके लिए टोका, झगड़ा किया, लेकिन फिर भी वह नहीं माना। आखिर मजबूरी में घर छोडऩा पड़ा।
सरकार और लोगों से मांगी मदद
बच्ची की मां ने कहा कि उसकी बेटी की तबीयत बहुत ही खराब है। उसके पास दवाई कराने का पैसा नहीं है। सरकार से भी कोई मदद नहीं मिली। बच्ची की मां सरकार और आमजन से मदद की गुहार लगाई है। उसने कहा कि तबीयत बिगडऩे की वजह से बेटी एक रोटी तक नहीं खा पाती। पूरी रात दर्द से कराहती रहती है, उसे नींद तक नहीं आती।