
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित रविंदर भवन से महिला आयोग तक शनिवार यानि 18 नवंबर को दोपहर 1 बजे शांति मार्च का आयोजन किया गया। यह आयोजन दामिनी की आवाज़ नामक सामाजिक संस्था द्वारा किया गया।
इस शांति मार्च में उनके साथ नव उदभव शिक्षण समाज कल्याण समिति,संस्कार फाउंडेशन,सकारात्मक सोच,अग्रवाल महिला क्लब,आयाम एजुकेशन वेलफेयर सोसाइटी ,इम्पा फिल्म आर्टिस्ट असोसिएशन,अर्पित सामाजिक संस्था,सुख सम्पर्ण सामाजिक संस्था आदि ने भी सहयोग दिया। इस दौरान बड़े पैमाने पर महिलाओं, बालिकाओं और जागरूक शहरवासियों ने महिलाओं पर हो रहे अत्याचार और बालिकाओं के शोषण के विरोध में अपनी आवाज बुलंद कर ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में शासन से मांग की गई कि प्रशासनिक स्तर पर हो रहे नियमों के उल्लंघन को रोका जाए। साथ ही रेप व छेड़छाड़ जैसी घटनाओं के आरोपियों की गिरफ़्तारी शीघ्र हों। इसके अलावा पीड़िता को शीघ्र न्याय मिलने व जेल में मिलने वाली सुविधाओं से आरोपी को वंचित रखे जाने की भी मांग रखी गई।
इसके साथ ही अवयस्क आरोपी होने पर अपराध अनुसार दण्ड दिया जाने की मांग करते हुए 'दामिनी की आवाज़ संस्था' की अध्यक्ष अनीता आर्य ने कहा कि वे आगे भी इस लड़ाई को लड़ती रहेंगी जब तक प्रशासन चुस्त नहीं हो जाता।
दरअसल पिछले दिनों भोपाल में हुए रेप कांड के बाद व लगातार महिलाओं के साथ हो रही छेड़खानी को देखते हुए ये मार्च निकाला गया। इससे पहले हबीबगंज स्टेशन सहित भोपाल स्टेशन के पास भी लड़कियों से रेप के मामले सामने आ चुके हैं।
इन्हीं सब को देखकर शहरवासी आहत हैं। वहीं इन केसों में पुलिस की भूमिका भी लापरवाही से भरी रही। इसे देखते हुए जानकारों का मानना है कि यदि पुलिस हमारी सुरक्षा शिकायत तक नहीं सुन सकती तो ऐसी पुलिस की आवश्यकता ही क्या है। उन्होंने ऐसे पुलिसकर्मियों पर तुरंत सख्त कार्रवाई की मांग भी की।
वहीं इससे पहले सुबह के समय शहर के हालातों को जानने के लिए कलेक्टर व डीआईजी सड़क पर उतरे। इस दौरान वे शहर की सकरी गलियों से लेकर अंधेरे रास्तों पर तक गए। और वहां से आने जाने वाले लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने शहरवासियों को सुरक्षा का भरोसा भी दिलाया।
Published on:
18 Nov 2017 07:07 pm
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