भोपाल

Bhopal news: बारिश में डेंगू से सावधान ! रिपोर्ट के इंतजार में न टाले इलाज, गौर करें ये 7 लक्षण

Dengue patient: डेंगू के सरकारी आंकड़े एलिजा जांच तक सीमित, सिर्फ 52 पॉजिटिव केस दर्ज जबकि अस्पतालों में 165 संदिग्ध मरीज भर्ती।
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Aug 10, 2026
Dengue patient: भोपाल में डेंगू का अलर्ट (Photo Source - Patrika)
Dengue patient: भोपाल में डेंगू का अलर्ट (Photo Source - Patrika)

Bhopal news: एमपी के भोपाल शहर में डेंगू के मरीजों के आंकड़े एलिजा('एंजाइम-लिंक्ड इम्यूनोसोरबेंट एसे') जांच की शर्तों में उलझकर रह गए है। नतीजा अस्पतालों की वास्तविक स्थिति और सरकारी आंकड़ों में बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है। रैपिड टेस्ट में डेंगू की आशंका होते ही मरीज का उपचार शुरू हो जाता है, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में उसे डेंगू का मरीज तभी माना जा रहा है, जब एलिजा जांच पॉजिटिव आए। सरकारी रिकॉर्ड में इस वर्ष अब तक सिर्फ 52 पॉजिटिव केस दर्ज है, जबकि अस्पतालों में 165 संदिग्ध डेंगू मरीज भर्ती है। संदिग्ध मरीजों का भर्ती होना चिंता बढ़ा रहा है।

दो दिन तक रिपोर्ट का इंतजार

डेंगू की पुष्टि के लिए एलिजा टेस्ट की रिपोर्ट आने में दो दिन लग रहे हैं।जिससे मरीज परेशान हो रहे हैं। डॉक्टरों के लिए गंभीर मरीज के उपचार के लिए रिपोर्ट का इंतजार कराना संभव नहीं है। वे इस बीच संदिग्ध डेंगू मरीजों का उपचार शुरू कर दे रहे हैं, लेकिन सरकारी आंकड़े एलिजा रिपोर्ट आने के बाद ही अपडेट हो रहे हैं।

रैपिड टेस्ट तुरंत देता है संकेत

डेंगू के शुरुआती संकेत के लिए रैपिड टेस्ट किया जाता है। तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर और जोड़ों में दर्द, कमजोरी, उल्टी और लाल चकत्ते जैसे लक्षणों में डॉक्टर डेंगू की आशंका मानकर इलाज शुरू कर सकते हैं। एलिजा से इसकी पुष्टि होती है। इसी प्रक्रिया के कारण अस्पतालों की वास्तविक स्थिति और सरकारी आंकड़ों में अंतर दिखाई देता है।

इन इलाकों में ज्यादा मरीज

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार भोपाल में डेंगू के मरीज एम्स के आसपास की कॉलोनियों के अलावा कटारा हिल्स, बागसेवनिया, अवधपुरी, शाहजहांनाबाद और इस्लामिया गेट क्षेत्र में भी सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार शहर में करीब 1.5 लाख खाली प्लॉट हैं। बारिश का पानी जमा होने से यहां मच्छरों के पनपने का खतरा बढ़ा है।

इग्नोर न करें ये लक्षण

-अचानक तेज़ बुखार आना
-माथे या सिर में तेज़ दर्द
-आंखों के पीछे तेज दर्द जो हिलने पर बढ़े
-जोड़ों और मांसपेशियों में गंभीर दर्द
-जी मिचलाना और उल्टी होना
-अत्यधिक थकान और कमजोरी
-त्वचा पर लाल चकत्ते या रैश दिखना

रिपोर्ट के इंतजार में इलाज न टले

मेडिसिन विशेषज्ञ पुष्पेंद्र मिश्र का कहना है कि तेज बुखार के साथ शरीर में दर्द, कमजोरी, उल्टी, खून आने या हालत बिगड़ने जैसे लक्षण हों तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। एलिजा रिपोर्ट का इंतजार करते हुए इलाज में देरी करना जोखिम बढ़ा सकता है।

Updated on:
10 Aug 2026 11:01 am
Published on:
10 Aug 2026 10:56 am