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कॉलेज नहीं जाना चाहती एमपी की Gen Z, यूजी-पीजी की 185637 सीटें खाली पड़ीं

college seats vacant in mp कॉलेज जाने से बच रहे स्टूडेंट, उच्च शिक्षा से हुई अरुचि, रोजगारमूलक कोर्स की पढ़ाई पर ज्यादा जोर
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over 18 lakh college seats vacant in mp

एमपी में कालेजों की 18 लाख से ज्यादा सीटें खाली - demo pic

mp colleges एमपी में Gen Z को मानो उच्च शिक्षा से अरुचि हो गई है। स्टूडेंट कॉलेज जाने से बच रहे हैं। यही कारण है कि प्रदेशभर में कॉलेजों में करीब 2 लाख सीटें खाली पड़ीं हैं। इसका कारण बताते हुए विशेषज्ञ कहते हैं कि कॉलेजों के नियमित कोर्स अब स्टूडेंट के ज्यादा काम के नहीं रहे। वे रोजगारमूलक कोर्स की पढ़ाई पर ज्यादा जोर दे रहे हैं। प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदरसिंह परमार ने स्नातक एवं स्नातकोत्तर कक्षाओं में प्रवेश से वंचित रहे सभी पात्र विद्यार्थियों निर्धारित समय-सीमा में प्रवेश लेने की अपील की है।

मध्यप्रदेश में छात्रों का उच्च शिक्षा में रुझान बढ़ाने के लिए सरकार और उच्च शिक्षा विभाग हर जतन कर रहे हैं। हालांकि इसका ज्यादा असर नहीं दिखाई दे रहा। उच्च शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के लिए एक और मौका दिया है। विभाग ने प्रदेश के कॉलेजों में प्रवेश के लिए एक बार फिर पोर्टल खोल दिया है।

उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार प्रदेश के महाविद्यालयों में छात्र-छात्राएं स्नातक और स्नातकोत्तर कोर्सेस में 10 से 14 अगस्त तक प्रवेश ले सकते हैं। स्टूडेंट के लिए कॉलेजों में प्रवेश के लिए यह अंतिम अवसर होगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार स्टूडेंट की सुविधा के लिए यह अतिरिक्त सीएलसी प्रक्रिया शुरु की जा रही है। इसमें कॉलेजों में विद्यार्थियों को पहले आओ- पहले पाओ के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। स्टूडेंट को कॉलेजों की रिक्त सीटों पर यह लाभ मिलेगा।

1 लाख 85 हजार 637 सीटें अभी भी खाली

उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार इस बार प्रदेश के कॉलेजों में कुल 6 लाख 61 हजार 341 सीटें उपलब्ध हैं। इनमें से अब तक 4 लाख 75 हजार 704 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है, जबकि 1 लाख 85 हजार 637 सीटें अभी भी खाली हैं।

सीट खाली होने पर सीधे पहुंचकर प्रवेश शुल्क जमा कर सकेंगे

कॉलेजों में स्नातक स्तर पर 3 लाख 60 हजार 902 और स्नातकोत्तर स्तर पर 1 लाख 14 हजार 802 पंजीकृत विद्यार्थी जिस कॉलेज में प्रवेश लेना चाहते हैं, वहां सीट खाली होने पर सीधे पहुंचकर प्रवेश शुल्क जमा कर सकेंगे।

एमपी के उच्च शिक्षा मंत्री इंदरसिंह परमार ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रवेश का एक और अवसर दिया जा रहा है। यह उनके लिए अंतिम अवसर होगा। उच्च शिक्षा मंत्री इंदरसिंह परमार ने स्नातक एवं स्नातकोत्तर कक्षाओं में प्रवेश से वंचित रहे सभी पात्र विद्यार्थियों से निर्धारित समय-सीमा में इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की है।