
उज्जैन में सोमवार को महाकाल दर्शन-
mahakal ujjain - 10 अगस्त को सावन माह के दूसरे सोमवार पर उज्जैन में महाकालेश्वर दर्शन के लिए लाखों भक्त उमड़ पड़े हैं। महाकाल मंदिर में ज्योतिर्लिंग के श्रृंगार के साथ ही दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लग गईं। सोमवार तड़के ज्योतिर्लिंग भगवान श्री महाकालेश्वर की प्रातः कालीन भस्म आरती की गई। भक्त महाकाल के दर्शन के बाद लड्डू का परंपरागत प्रसाद ले रहे हैं। हाल ये हैं कि महज कुछ ही घंटों में 84 क्विंटल से ज्यादा लड्डू प्रसाद बिक गया।
उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में देशी घी के लड्डू उपलब्ध कराए जाते हैं। मंदिर प्रशासन द्वारा यह सुविधा दी जाती है। सावन में लड्डुओं की खूब बिक्री हो रही है।
महाकालेश्वर मंदिर प्रशासन के अनुसार 9 अगस्त को भक्तों ने खूब प्रसाद खरीदा। इस दिन सुबह 5:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक कुल 84.677 क्विंटल लड्डू प्रसाद बिका। इससे मंदिर समिति को महज 13 घंटों में ₹4015600 की राशि प्राप्त हो गई।
श्रावण-भाद्रपद मास में निकलने वाली भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारियों के क्रम में आज सोमवार को बाबा महाकाल की दूसरी सवारी धूमधाम से निकाली जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुरूप इस बार भी सवारी को भव्य, सांस्कृतिक और दिव्य स्वरूप प्रदान किया जा रहा है। सवारी की इस बार की विशेष थीम 'सांस्कृतिक और जनजातीय दलों की प्रस्तुति' रखी गई है। इसी के तहत आलीराजपुर का प्रसिद्ध जनजातीय दल सवारी मार्ग पर अपनी पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध करेगा। इसके अतिरिक्त, रामघाट पर शिप्रा आरती और पूजन के दौरान स्थानीय कलाकारों को भी अपना हुनर प्रदर्शित करने का विशेष मंच और अवसर प्रदान किया जाएगा। पहली सवारी में 1100 वेदपाठी बटुकों ने रामघाट पर वेद उद्घोष किया था।
दूसरी सवारी में अवंतिकानाथ अपनी प्रजा का हाल-चाल जानने के लिए दो रूपों में दर्शन देंगे। रजत पालकी में भगवान श्री चंद्रमौलेश्वर विराजित रहेंगे, जबकि गजरथ (हाथी) पर भगवान मनमहेश की प्रतिमा विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकलेगी। मंदिर के सभा मंडप में विधिवत पूजन-अर्चन के पश्चात सायं 4 बजे पालकी नगर भ्रमण के लिए रवाना होगी। सोमवार को महाकालेश्वर की पूजा, अर्चना व दर्शन के साथ दूसरी सवारी को लेकर 8 लाख से अधिक भक्तों के उज्जैन पहुंचने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
पिछली सवारी में अश्वारोही दलों के लिए जो घोड़े लाए गए थे, वे नए थे। अधिक भीड़-भाड़ और कड़ाबीन के धमाकों के कारण वे बिदक रहे थे। ऐसे में कुछ घोड़ों को सवारी से बाहर कर दिया गया था। अब दूसरी सवारी में हाथी शामिल होगा। बता दें, पिछले दिनों इंदौर में एक ऑटो चालक को हाथी ने अपने पैरों तले कुचल दिया था, इससे सबक लेते हुए सवारी में पुलिस और फॉरेस्ट टीम के दलों को विशेष सतर्कता रखनी होगी।
Updated on:
10 Aug 2026 08:26 am
Published on:
10 Aug 2026 08:25 am
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