
दतिया में नरोत्तम मिश्रा को नकार नहीं सकती बीजेपी- image patrika.com
MP BJP- हरिचरण यादव भोपाल. उप चुनाव में मिली हार के बाद प्रदेश भाजपा अब नया प्लान लेकर दतिया में उतरने की तैयारी कर रही है। प्लान में बहुत कुछ तय कर लिया है, जिसकी घोषणा होनी बाकी है। नए प्लान के साथ ही दो प्रमुख नेताओं की नई भूमिकाएं भी सामने आ सकती हैं। दतिया उपचुनाव में प्रत्याशी रहे आशुतोष तिवारी को जहां बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है वहीं नरोत्तम मिश्रा की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। दतिया में उनके योगदान और प्रभुत्व को पार्टी नकार नहीं पा रही।
दतिया में हार की जिम्मेदारी तय होनी बाकी, तब तक भाजपा जारी नहीं करेगी नया प्लान
बीजेपी के नए प्लान का सबसे बड़ा हिस्सा दतिया जिले की नई कार्यकारिणी है। अभी यह तय नहीं हुआ है कि कार्यकारिणी को एक ही बार में जारी किया जाए या फिर इसकी टुकड़ों में घोषणा की जाए। चूंकि दतिया में हार की जिम्मेदारी तय होनी बाकी है, तब तक भाजपा नया प्लान जारी नहीं करेगी।
उधर उप चुनाव जीत चुकी कांग्रेस 2028 के चुनाव में भी जीत को बरकरार रखने की तैयारी में है। कांग्रेस यह सीट किसी हाल में खोना नहीं चाहेगी। चूंकि घनश्याम सिंह मजबूत प्रत्याशी थे, जो विधायक बन चुके हैं। वे दतिया में अपनी स्वीकारोक्ति बढ़ाएंगे। वहीं भाजपा को इन दो साल में जमीनी स्तर पर जन विश्वास जीतना होगा।
भाजपा दतिया में काफी कुछ बदलना चाहती है इसके लिए कई मोर्चों पर काम करने की योजना है। अगले कुछ ही दिनों में दतिया में वह चेहरा घोषित हो सकता है, जो भविष्य में दतिया सीट का चेहरा हो। यूं कहें कि जिले में भाजपा को जिताने वाला हो।
नए प्लान में भाजपा प्रत्याशी रहे आशुतोष तिवारी को बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। यह उनकी इच्छा पर भी निर्भर होगा। राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, दतिया में जो हालात हैं, उसे देखकर ऐसा चेहरा नहीं थोप सकते, जो जमीनी पकड़ व सर्वमान्य श्रेणी से बाहर हो।
पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा भाजपा के कद्दावर नेताओं में एक हैं। दतिया में भाजपा को मजबूती देने में उनकी मेहनत को नकारा नहीं जा सकता। ऐसे में अभी नरोत्तम की भूमिका तय करनी होगी। यदि ऐसा नहीं हुआ तो आगामी चुनावों में इसके फायदे कम, नुकसान ज्यादा हो सकते हैं।
Updated on:
10 Aug 2026 11:00 am
Published on:
10 Aug 2026 10:44 am
