भोपाल

भय्यू महाराज के करीबी लोग ही कर रहे थे आश्रम में फर्जीवाड़ा, आपराधिक रिकॉर्ड रखते थे ये लोग

भय्यू महाराज के करीबी लोग ही कर रहे थे आश्रम में फर्जीवाड़ा, आपराधिक रिकॉर्ड रखते थे ये लोग

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Jun 21, 2018
bhaiyyu maharaj

भोपाल। भय्यू महाराज की खुदकुशी मामले में अभी पुलिस की जांच किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। लेकिन बताया जा रहा है कि संत भय्यू महाराज आत्महत्या मामले में अब पुलिस उनके करीबी लोग ( आपराधिक चरित्र रखने वाले) के बारे में जानने में जुटी हुई है। पुलिस को इस बात की जानकारी मिली है कि भय्यू महाराज के इंदौर व पुणे आश्रम कई ऐसे लोग हैं, जिनका महाराज से अक्सर मिलना होता था। ये वहीं लोग है जिनका आपराधिक रिकॉर्ड भी दर्ज है। बताया जा रहा है कि भय्यू महाराज के नजदीकी होने के कारण ही वे लोग आपराधिक गतिविधियों में लिप्त थे। उन्हें किसी भी प्रकार से पुलिस का डर नहीं था।

करने लगे थे फर्जीवाड़ा

महाराज के नजदीकी होने के कारण ये लोग फर्जीवाड़ा करने में भी उतर आए थे। फर्जीवाड़े के कारण ही भय्यू महाराज से आश्रम में आने वाले बड़े-बड़े नेता और कारोबारी कटने लगे थे। पुलिस ने भय्यू महाराज के दो बड़े भाईयों से भी पूछताछ की है। पुलिस को इस बात की जानाकरी भी लगी है कि भय्यू महाराज जिन लोगों को सबसे ज्यादा अपना करीबी मानते थे उन्हीं लोगों ने उनका विश्वास तोड़ा था। कई ऐसे करीबी लोग थे जो आश्रम का नाम लेकर फाइनेंशियल डील भी कर लेते थे। पुलिस अब इन लोगों से भी पूछताछ करने में जुटी हुई है।

लिए गए भाईयों के बयान

पुलिस ने बीत दिन भय्यू महाराज के दोनों बड़े भाईयों दिलीप देशमुख (62) और अरुण देशमुख (59) के बयानों को भी लिया है और उनके मुताबिक भी जांच कर रही है। दिलीप देशमुख ने बताया की कुछ साल पहले ही भय्यू महाराज ने उन्हें श्री सद्गुरु धार्मिक एवं पारमार्थिक ट्रस्ट इंदौर का चेयरमैन बनाया था। जिसके बाद से वे उनकी पुश्तैनी 35 बीघा जमीन की देखरेख करते थे। सारे काम सुचारू रूप से होते थे।

वहीं छोटे भाई ने बताया कि महाराज की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई थी। वह नकदी की समस्या से जूझ रहे थे। पारिवारिक तनाव के बीच लंबित प्रोजेक्ट को लेकर भी परेशान थे। सीएसपी मनोज रत्नाकर के मुताबिक पुलिस अभी तक करीब 20 लोगों से पूछताछ कर चुकी है।

Published on:
21 Jun 2018 01:38 pm
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