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भोपाल और इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन रीजन में नई व्यवस्था, मतदान से चुने जाएंगे प्लानिंग कमेटी के 30 सदस्य

Bhopal And Indore-Ujjain Metropolitan Regions : नगरीय विकास विभाग ने जारी किए मेट्रोपोलिटन विकास नियम-2026। मतदान से चुने जाएंगे विकास कार्यों की प्लानिंग करने वाली कमेटी के 30 सदस्य।
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Bhopal And Indore-Ujjain Metropolitan Regions
Bhopal And Indore-Ujjain Metropolitan Regions (मेट्रोपॉलिटन रीजन में नई व्यवस्था Photo Source- Patrika)

MP News :मध्य प्रदेश सरकार ने भोपाल और इंदौर - उज्जैन मेट्रोपॉलिटन रीजन बनाने के लिए एक कदम और आगे बढ़ा दिया है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने मध्य प्रदेश महानगर क्षेत्र नियोजन एवं विकास नियम 2026 बनाकर जारी कर दिए हैं। इसके अनुसार, सरकार दोनों मेट्रोपोलिटन रीजन के लिए अलग-अलग 45 सदस्यीय प्लानिंग कमेटी का गठन करेगी। इसमें 30 सदस्य मतदान से चुने जाएंगे। इनका निर्वाचन संबंधित मेट्रोपोलिटन रीजन की नगरपालिकाओं तथा पंचायतों के बीच में से जनसंख्या के अनुपात में किया जाएगा। इन्हें क्षेत्र में आने वाली नगरपालिकाओं के निर्वाचित सदस्य और पंचायत के अध्यक्ष चुनेंगे।

अगर किसी सदस्य का कोई आर्थिक हित होगा तो उसे सरकार हटा सकेगी। मेट्रोपोलिटन अथॉरिटी क्षेत्र में विकास कार्य पूरा होने के बाद उसके लिए उपभोक्ता प्रभार भी वसूलेगी। प्लानिंग कमेटी के अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे और नगरीय विकास मंत्री उपाध्यक्ष। इसमें 15 पदेन सदस्य और 9 सदस्य को-ऑप्ट होंगे। अन्य विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ विशेष आमंत्रित सदस्य होंगे। कमेटी की हर 6 माह में बैठक होगी। मेट्रोपोलिटन कमिश्नर कमेटी का सदस्य सचिव होगा।

सरकार कर सकेगी संशोधन

मेट्रोपोलिटन रीजन के लिए महानगर विकास तथा निवेश योजना बनाई जाएगी। इसका प्रकाशन कर दावे-आपत्ति भी मंगाए जाएंगे। एक समिति इनका परीक्षण कर निराकरण करेगी। इसके बाद इसका गजट नोटिफिकेशन होगा। राज्य सरकार स्वप्रेरणा से या समिति या मेट्रोपोलिटन अथॉरिटी के अनुरोध पर, संघ या राज्य सरकार और उसके उद्यमों की किसी प्रस्तावित योजना के लिए इस विकास योजना में संशोधन कर सकेगी।

कमिश्नर होंगे सीईओ

मेट्रोपोलिटन अथॉरिटी में राज्य सरकार एक कमिश्नर की नियुक्ति करेगी। इसके साथ अधिकारियों को सदस्यनियोजन, सदस्य- अभियांत्रिकी व अन्य की नियुक्ति करेगी। कमिश्नर प्राधिकरण के सीईओ होंगे और प्राधिकरण के प्रस्तावित काम करेंगे।

पीपीपी मोड पर लागू हो सकेंगे प्रोजेक्ट

जारी नियमों के अनुसार मेट्रोपोलिटन अथॉरिटी की संपत्तियों का निपटान ऑनलाइन बोलियां आमंत्रित करके या पूर्व निर्धारित मूल्य पर लॉटरी द्वारा किया जाएगा। अथॉरिटी यहां प्रोजेक्ट को पीपीपी मोड पर या अन्य तरीके से सरकार की पूर्व अनुमति से निष्पादित कर सकेगा।

यह भी शामिल

-मेट्रोपोलिटन अथॉरिटी निवेश योजना के लिए विकास अनुज्ञा के संग्रहण और वसूली की प्रक्रिया तय करेगा।
-कमिश्नर प्रत्येक वर्ष 10 मार्च तक वार्षिक आय-व्यय की विवरणी तैयार कर प्रस्तुत की जाएगी। इसके साथ एक वार्षिक योजना भी बनेगी।
-मेट्रोपोलिटन क्षेत्र के किसी मामले में अपील नगरीय विकास एवं आवास विभाग के सचिव के पास की जा सकेगी। इसका निराकरण 120 दिन के अंदर किया जाएगा।

बनेगा परिवहन प्राधिकरण

सरकार मेट्रोपोलिटन रीजन के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 15 सदस्यीय एकीकृत महानगर परिवहन प्राधिकरण का गठन करेगी। इसमें सभी संबंधित विभागों के सचिव, ननि आयुक्त आदि सदस्य होंगे। यह पूरे रीजन के लिए परिवहन संबंधी ह्रश्वलान बनाने का काम करेगा।

Updated on:
18 Jul 2026 09:26 am
Published on:
18 Jul 2026 09:26 am