
भोपाल. मंत्रियों का पीए बनकर ट्रांसफर के नाम पर ठगी करने वाले शातिर जालसाज को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव का पीए बनकर पांच प्रोफेसर्स से दो लाख से अधिक की ठगी कर चुका है, वहीं नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेन्द्र सिंह का पीए बनकर तीन सीएमओ को भी झांसे में ले लिया। यही आरोपी इससे पहले पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री महेन्द्र सिसोदिया का पीए बनकर भी अधिकारियों से ठगी कर चुका था। जिस मामले में उसे गिरफ्तारी के एक महीने बाद ही जमानत मिल गई जिसके बाद उसने दूसरे मंत्रियों के निज सचिवों के नाम से ठगी शुरू कर दी। ठगी के पीडि़तों के सामने आने के बाद उच्च शिक्षा मंत्री के पीए ने साइबर सेल तो नगरीय प्रशासन मंत्री के पीए ने क्राइम ब्रांच में एफआइआर दर्ज कराई थी।
साइबर पुलिस ने बताया कि जालसाज शैलेन्द्र पटेल ने जबलपुर के आट्र्स एंड कॉमर्स कॉलेज में पदस्थ महिला प्रोफेसर आभा पाण्डेय को फोन करके खुद को उच्च शिक्षा मंत्री का पीए विजय बुदवानी बनकर बात की। जालसाज ने उन्हें ट्रांसफर करा देने का झांसा दिया और 75 हजार रुपए अपने बताए एकाउंट में ट्रांसफर करा लिए। ट्रांसफर नहीं होने पर प्रोफेसर ने मंत्री के कार्यालय सम्पर्क किया तो ठगी का पता चला। मामला सामने आने पर पीए विजय बुदवानी ने 20 जुलाई को साइबर सेल में शिकायत की थी।
तीन सीएमओ को भी लिया झांसे में: दूसरी ओर क्राइम ब्रांच में दर्ज एफआइआर में नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेन्द्र सिंह के निज सचिव मयंक वर्मा ने बताया कि, जबलपुर संभाग सहित अन्य जिलों के तीन सीएमओ को फोन करके शैलेन्द्र पटेल ने खुद को मयंक वर्मा बताया और उनसे ट्रांसफर के नाम पर रुपए मांगे। इनसे भी लगभग दो लाख की ठगी की।
फर्नीचर कारोबारी बनकर हासिल किए नम्बर
शैलेन्द्र पटेल उच्च शिक्षा मंत्री के कार्यालय आता-जाता रहता था। शैलेन्द्र ने स्टाफ को बताया कि वह फर्नीचर सप्लाई का काम करता है। इस तरह बातों में उसने काम के आर्डर लेने के लिए कुछ कालेज के प्राचार्यों और प्रोफेसर्स के नम्बर हासिल कर लिए और इसके बाद ठगी के लिए झांसे में लेकर कॉल करने शुरू कर दिए।
न मोबाइल, न खाता
&आरोपी बेहद शातिर है, वह न तो खुद का फोन इस्तेमाल करता था, न ही अपने खाते में रुपए ही मंगाता था। वह न्यू मार्केट में स्थित एक फोटोकॉपी दुकान के संचालक के वाट्सऐप पर कागजात मंगाता था और उसी के लैंडलाइन से फोन करता था। सीधी के एक व्यक्ति का एकाउंट का एटीएम कार्ड उसने पास था जिसमें वह रुपए मंगाता था। साकेत नगर से गिरफ्तार कर लिया है।
गोपाल धाकड़, एएसपी, क्राइम ब्रांच