भोपाल

एमपी के स्ट्रीट वेंडर्स के लिए खुशखबरी, त्योहारों पर नहीं हटेंगी फुटपाथ की दुकानें

street vendors- मध्यप्रदेश के इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और भोपाल जैसे शहरों में स्ट्रीट वेंडर्स की भरमार है...। त्योहारों पर यह भी अब अपनी दुकानें फुटपाथ पर लगा सकेंगे...।
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Oct 05, 2026
street vendors
भोपाल के न्यू मार्केट में भी फुटपाथ पर इसी तरह से स्ट्रीट वेंडर्स दुकानें लगाते हैं। (विजुअल एआई जनरेटेड)

Street Vendors- मध्यप्रदेश में फुटपाथ पर दुकान लगाने वालों के लिए यह अच्छी खबर है। आने वाले त्योहारों के मद्देनजर स्ट्रीट वेंडर्स को फुटपाथ से नहीं हटाया जाएगा। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने सभी राज्यों को इसके आदेश दिए हैं। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर के मुख्य बाजारों में बड़ी संख्या में स्ट्रीट वेंडर्स दुकानें लगाते हैं।

राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) ने यह आदेश सोमवार को दिया है। इस आदेश के बाद दिवाली की खरीदारी के दौरान फुटपाथ के दुकानदारों को नहीं हटाया जा सकेगा। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने सभी राज्यों को सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि नवरात्रि, दिवाली और छठ पूजा के दौरान लोकल वेंडर्स, हॉकर और कुम्हारों को बेवजह नहीं हटाया जाएगा। अगर सुरक्षा कारणों से जगह खाली करानी भी पड़ी तो पहले वैकल्पिक जगह देनी होगी। सामान जब्ती और वसूली पर भी रोक। सभी प्रदेशों के Chief Secretary को 18 अक्टूबर तक रिपोर्ट देने को कहा गया है।

जारी रहेगा अभियान

मध्यप्रदेश के विदिशा के रहने वाले एवं राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो भी लगातार स्ट्रीय वेंडरों के मुद्दे उठा रहे हैं। वे पिछले दो दिन पहले पंजाब के फगवाड़ा में थे और सड़क पर रेहड़ी-पटरी पर दुकान लगाने वाले स्ट्रीट वेंडरों से मुलाकात कर उनके कई मुद्दे उठाए। उन्होंने वोकल फॉर लोकल अभियान पर भी चर्चा की। कानूनगों ने कहा कि पथकर विक्रेताओं के साथ शोषण और ज्यादतियों के खिलाफ हमारा अभियान लगातार जारी है।

भोपाल में क्या है स्थिति

मध्यप्रदेस की राजधानी भोपाल में स्ट्रीट वेंडर्स बड़ी संख्या में दुकानें लगाते हैं। सबसे ज्यादा दुकानें न्यू मार्केट में लगती है। इसके बाद दस नंबर मार्केट और पुराने भोपाल में भी बड़ी संख्या में स्ट्रीट वेंडर्स दुकानें लगाते हैं। स्ट्रीट वेंडरों को अक्सर ही नगर निगम के अतिक्रमण विरोधी दस्ते की ओर से हटा दिया जाता है और सामान जब्त कर लिया जाता है। ऐसी स्थिति में छोटे दुकानदारों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। नए फैसले से इस बार भी दिवाली पर वे दुकानें लगा सकते हैं, लेकिन कुछ नियमों की प्रक्रिया भी उन्हें करनी होगी। वे किसी की दुकान के सामने अपना कारोबार नहीं कर सकते हैं, नगर निगम की सीमा के दायरे में ही वे व्यवसाय कर सकेंगे।

Updated on:
05 Oct 2026 03:28 pm
Published on:
05 Oct 2026 03:13 pm