Bhopal International drug smuggling: अब तक भोपाल में मिल चुकी है करीब 360 करोड़ रुपए की एमडी ड्रग, हाइड्रोपोनिकवीड की खेप बैंकॉक से आ रही भारत, एक किलो वीड की कीमत एक करोड़ रुपए, चौंकाने वाले फैक्ट्स...
Bhopal International MD drug smuggling: भोपाल अब नशे का बहुत बड़ा अड्डा बनता जा रहा है। अब तक भोपाल में करीब 360 करोड़ रुपए की एमडी ड्रग्स बरामद हो चुकी है। अब हाइड्रोपोनिक वीड की खेप अमूमन बैंकॉक से भारत आती है। ऐसे में इंटरनेशनल तस्करी में भोपाल के तार बैंकॉक से जुड़ गए है। हाइड्रोपोनिक वीड को आम नागरिक आमतौर पर नहीं जानता। यह बेहद महंगा नशीला पदार्थ है। यह बहुत महंगा बिकता है। एक किलो वीड की कीमत एक करोड़ रुपए से अधिक होती है।
हाइड्रोपोनिक वीड भी एक तरह का गांजा ही है। यह सामान्य गांजे से अलग होता है। इस गांजा की खेती हाइड्रोपोनिक तकनीक की जाती है। यानी इस गांजे का पेड़ मिट्टी के बिना उगता है। इसे उगाने के लिए पोषक तत्वों से भरपूर पानी का घोल बनाया जाता है और उसी का इस्तेमाल कर उगाया जाता है। हाइड्रोपोनिक तकनीक से उगाए गांजे में सामान्य गांजे की तुलना में उच्च क्वालिटी की टेट्राहाइड्रोकैनाबिनोल होती है। इस को सिगरेट या सिगार पेपर में भरकर इस्तेमाल किया जाता है।
भारत सहित हाइड्रोपोनिक गांजा ङ्क्षसगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, इंडोनेशिया, जापान, चीन और रूस आदि देशों में बैन है।
--हाइड्रोपोनिक्स आधुनिकतम कृषि विधि है जिसमें मिट्टी का उपयोग नहीं किया जाता है, बल्कि पौधों को पानी-आधारित पोषक तत्वों के घोल में उगाया जाता है।
-- हाइड्रोपोनिक्स मिट्टी के बिना खेती की एक विधि है, जहां पौधों को पोषक तत्वों से भरपूर पानी के घोल में उगाते हैं, जिसे अक्सर कोको कॉयर, परलाइट, मिट्टी के छर्रों या रॉकवूल जैसे निष्क्रिय द्वारा सहारा दिया जाता है।
--इसकी उच्च पैदावार, तेज विकास चक्र, पारंपरिक मिट्टी में उगाए गए खरपतवार की तुलना में अधिक क्षमता और इसे घर में गुप्त रूप में उगाया जा सकता है। इसे डार्क वेब पर बेचा जाता है।
कनाडा, संयुक्त राज्य अमेरिका, उरुग्वे, थाईलैंड, दक्षिण अफ्रीका और जर्मन।