भोपाल

भोपाल मेट्रो की खुदाई से 250 साल पुराने मंदिर की बावड़ी सूखने का दावा, अंडरग्राउंड निर्माण को लेकर फिर उठे सवाल

Bhopal Metro: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मेट्रो की अंडरग्राउंड लाइन निर्माण के बीच भारत टॉकीज स्थित 250 साल पुरानी बावड़ी सूखने की शिकायत सामने आई है।
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Oct 13, 2026
bhopal metro underground construction 250 year old temple stepwell dried
Bhopal Metro underground construction: खुदाई से 250 साल पुराने मंदिर की बावड़ी सूखने का दावा (फोटो सोर्स- Patrika)

Bhopal Metro underground construction: भोपाल में मेट्रो की अंडरग्राउंड लाइन निर्माण से अब भारत टॉकीज स्थित फूल माली समाज मंदिर की 250 साल पुरानी बावड़ी सूखने की शिकायत हुई है। इससे पहले बड़ा बाग कब्रिस्तान में अंडरग्राउंड निर्माण को लेकर विवाद हुआ, जिसमें खुद कलेक्टर को बीच बचाव करना पड़ा। अब ये नया विवाद सामने आ गया है। मंदिर व समाज से जुड़े हरिनारायण माली का कहना है कि बावड़ी अब तक कभी नहीं सूखी थी, लेकिन अब इसमें बिल्कुल पानी नहीं है। बीते सप्ताहभर से पानी का संकट खड़ा हो गया।

एक्सपर्ट्स ने जताई चिंता, बोले- पहले रिसर्च करना चाहिए था

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अंडरग्राउंड लाइन का काम तो चल रहा, लेकिन काम शुरू करने से पहले ठीक से अध्ययन कर लेना चाहिए था। ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के क्षेत्रों पर इसके असर का अध्ययन होता तो आज ये दिक्कतें नहीं आती। गौरतलब है कि टनल बोरिंग मशीन से 30 डायमीटर की खुदाई हो रही है। एक्सपर्ट्स इससे आगामी समय में गंभीर पर्यावरणीय व जल संकट बनने की आशंका भी जता रहे हैं। मामले की कलेक्ट्रेट को शिकायत हुई है।

इस मंदिर के नीचे चल रहा है मेट्रो का काम

मेट्रो की अंडरग्राउंड लाइन निर्माण से अब भारत टॉकीज स्थित फूल माली समाज मंदिर की 250 साल पुरानी बावड़ी सूखने की शिकायत हुई है। इससे पहले बड़ा बाग कब्रिस्तान में अंडरग्राउंड निर्माण को लेकर विवाद हुआ, जिसमें खुद कलेक्टर को बीच बचाव करना पड़ा। अब ये नया विवाद सामने आ गया है। मंदिर व समाज से जुड़े हरिनारायण माली का कहना है कि बावड़ी अब तक कभी नहीं सूखी थी, लेकिन अब इसमें बिल्कुल पानी नहीं है।

3.36 किमी की अंडरग्राउंड लाइन

मेट्रो प्रोजेक्ट के तहत 3.36 किमी लंबाई की अंडरग्राउंड लाइन बनाना तय है। ऐशबाग से डीआइजी बंगला, सिंधी कॉलोनी तक भोपाल स्टेशन व नादरा बस स्टैंड होते हुए काम होगा। इसे पूरा करने शुरुआत में तीन से चार माह का लक्ष्य तय किया था। इसके लिए तीन मशीनों से काम शुरू करना था, लेकिन अभी एक मशीन ही उतारी गई। दो अन्य उतारनी बाकी है। इस कॉरिडोर में दो अंडरग्राउंड स्टेशन बनाए जा रहे हैं। जिनकी लंबाई करीब 180-180 मीटर होगी। टीबीएम से बनी सुरंग 3.39 किमी तक जाएगी। इसके बाद बड़ा बाग के पास नादरा स्टेशन के आगे 143 मीटर स्लोप के जरिए मेट्रो फिर जमीन के ऊपर आ जाएगी।

Updated on:
13 Oct 2026 08:30 am
Published on:
13 Oct 2026 08:30 am