भोपाल

पाक नागरिक थीं अंतिम नवाब की दूसरी पत्नी, कौड़ियों में बेची भोपाल की बेशकीमती जमीन, EOW जांच शुरू

Bhopal Nawab Property: भोपाल में बीच शहर की बेशकीमती 30.55 एकड़ शत्रु संपत्ति कौडिय़ों के भाव बेच दी गई! शिकायत हुई तो ईओडब्ल्यू ने शुरू की जांच, राज्य सरकार को राजस्व का भारी नुकसान।
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Jul 08, 2026
Bhopal Nawab Property
Bhopal Nawab Property: भोपाल की शत्रु संपत्ति कौड़ियों के दाम बेचने की शिकायत के बाद EOW की जांच शुरू। (photo: Freepik Image प्रतिकात्मक तस्वीर)

Bhopal Nawab Property: भोपाल रियासत के अंतिम नवाब हमीदुल्ला खां की दूसरी पत्नी पाकिस्तान निवासी आफताबजहां बेगम के 1994 में भोपाल के बेहटा क्षेत्र की 30.55 एकड़ जमीन बेचने का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। समाजसेवी अमिताभ अग्निहोत्री ने आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) से शिकायत की है। उन्होंने जमीन से जुड़े सभी साक्ष्य देकर आरोप लगाया कि शत्रु संपत्ति अधिनियम लागू होने के बावजूद जमीन बेची गई।

सच छिपाकर किया करोड़ों की जमीन का सौदा

आफताबजहां बेगम ने इसके लिए बाकायदा पाकिस्तानी होने का तथ्य भी छिपाया और करोड़ों रुपए की जमीन का सौदा किया। उन्होंने बताया की इससे सरकार को भारी राजस्व की हानि हुई है। अग्निहोत्री ने ईओडब्ल्यू से पूरे मामले की जांच करने की मांग की है।

चार किस्तों में लेने का अनुबंध किया गया था

अग्निहोत्री ने दावा किया है कि, 31 मई 1994 को आफताबजहां बेगम ने बेहटा क्षेत्र की 30.55 एकड़ भूमि सहकारी गृहनिर्माण संस्था को 30.55 लाख रुपए में बेची। सौदे के समय सिर्फ 1.55 लाख रुपए चेक से लिए गए। बाकी 29 लाख रुपए चार किस्तों में लेने का अनुबंध किया गया था।

स्वीकृतियों की वैधता की भी जांच होनी चाहिए

1959 के राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार आफताबजहां बेगम के नाम बेहटा में 655 एकड़ और बोरबन क्षेत्र में 102 एकड़ भूमि थी। पाकिस्तानी होने के कारण यह शत्रु संपत्ति की श्रेणी में आ सकती थी। इसलिए इसकी खरीद-बिक्री, नामांतरण, भवन अनुमति, और प्रशासनिक स्वीकृतियों की वैधता की जांच की जानी चाहिए। शिकायत में मांग की गई है, बिक्री के समय आफताबजहां भारत में थीं या नहीं, उनके पासपोर्ट और यात्रा अभिलेखों का सत्यापन किया जाए।

क्या है शत्रु संपत्ति का कानून?

भारत में शत्रु संपत्ति अधिनियम, 1968 के तहत उन व्यक्तियों की संपत्तियां आती हैं, जिन्होंने शत्रु देश की नागरिकता ली। ये केंद्र सरकार के कस्टोडियन के नियंत्रण में लाई जा सकती हैं। किसी विशेष संपत्ति पर यह कानून लागू होता है या नहीं, इसका अंतिम निर्णय सक्षम प्राधिकारी और कोर्ट अभिलेखों के साथ ही कानूनी प्रक्रिया के आधार पर किया जाता है।

कौन थीं आफताब जहां बेगम?

आफताब जहां बेगम भोपाल रियासत के अंतिम नवाब, नवाब हमीदुल्लाह खान की दूसरी पत्नी थीं। जिन्हें छोटी बेगम कहा जाता था। भारत विभाजन के दौरान वे पाकिस्तान चली गई थीं और उनके पीछे छूट गए थे भोपाल के खानूगांव, कोहेफिजा, लाउखेड़ी और सीहोर, रायसेन समेत अन्य बेशकीमती जमीनें और महल। उनके पाकिस्तान की नागरिकता लेने और संपत्ति का अधिकार किसी को न देने के कारण मध्य प्रदेश सरकार ने भोपाल की इन नवाबी संपत्तियों को शत्रु संपत्ति घोषित कर दिया।

Aftab Jahan Beghum: 23 मई 1949 को भोपाल रियासत के आखिरी शासक नवाब हमीदुल्लाह खान की दूसरी पत्नी, शाह दुल्हन आफताब जहां बेगम को 'सुरैया जाह' की उपाधि दी गई। (Save Cultural Heritage of Bhopal, FB Page)

बताते चलें कि आफताब जहां बेगम बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान के परिवार यानी पटौदी खानदान की रिश्तेदार थीं। क्योंकि उनकी शादी हमीदुल्लाह खान से हुई थी, वो पटौदी खानदान से जुड़े थे।

Updated on:
08 Jul 2026 10:05 am
Published on:
08 Jul 2026 09:44 am