bhopal news: बैठक में समिति की भविष्य की कार्ययोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई और पिछले वर्ष का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया गया।
bhopal news: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से विधायक भगवानदास सबनानी के निवास पर 'धर्म संस्कृति समिति' की एक समीक्षा बैठक हुई। बैठक में समिति की भविष्य की कार्ययोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई और पिछले वर्ष का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया गया। इस दौरान निर्णय लिया गया कि आगामी कार्यक्रम राष्ट्रभक्ति और शहीदों की स्मृति पर केंद्रित होंगे।
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बैठक को संबोधित करते हुए समिति के अध्यक्ष और विधायक भगवानदास सबनानी ने कहा कि भोपाल की आजादी का इतिहास गौरवशाली है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि 1 जून 2026 को भोपाल की आजादी का जश्न व्यापक स्तर पर मनाया जाना चाहिए। कहा, यह हमारा दायित्व है कि हम भोपाल के विलीनीकरण आंदोलन और इसमें बलिदान देने वाले शहीदों की कहानियों से अपनी युवा पीढ़ी को अवगत कराएं। जब तक युवा अपने गौरवशाली अतीत को नहीं जानेंगे, तब तक वे अपनी जड़ों से नहीं जुड़ पाएंगे।
समिति प्रमुख नरेंद्र भानु खंडेलवाल ने बैठक में संस्था का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने पिछले वर्ष के आय-व्यय का पूर्ण ब्यौरा रखा, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया। खंडेलवाल ने आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) के दौरान विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा। इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य धर्म के साथ-साथ सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है।
बैठक में समिति के सुदृढ़ीकरण और प्रचार-प्रसार की रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर संगठन के विभिन्न दायित्वों का निर्वहन कर रहे पदाधिकारी एवं सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
बैठक में उपाध्यक्ष नरेंद्र शुक्ला, संयुक्त महामंत्री योगेंद्र सिंह राजपूत, कोषाध्यक्ष नरेंद्र भानु खंडेलवाल, सह कोषाध्यक्ष निहाल साहू और संगठन सचिव डॉ. मयंक चतुर्वेदी ने अपने सुझाव साझा किए। साथ ही कार्यालय सचिव गोलू सिंह जादौन, सचिव प्रचार दिनेश शर्मा, सचिव कार्यक्रम डॉ. सूर्यभान गुर्जर, सहसचिव दिलीप चौरसिया और उमेश नारद सहित अनेक गणमान्य जन मौजूद रहे।
बैठक के अंत में सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया गया कि समिति केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित न रहकर राष्ट्रवाद के अलख को भी जगाएगी। शहीदों पर आधारित कार्यक्रमों के माध्यम से शहर के प्रमुख चौराहों और शिक्षण संस्थानों में विशेष सत्र आयोजित करने पर भी सहमति बनी। बैठक का समापन राष्ट्रगान और संकल्प के साथ हुआ कि भोपाल की आजादी के महापर्व को एक जन-आंदोलन का रूप दिया जाएगा।