bhopal news: लिंक रोड नंबर 2 स्थित परशुराम मंदिर, शिवाजी नगर में शाम 5 बजे से आयोजित किया जाएगा एक शाम छिंद वाले दादाजी के नाम श्रंखला का 34वां पाठ।
bhopal news: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के धार्मिक और सामाजिक परिदृश्य में 'एक शाम छिंद वाले दादाजी के नाम' श्रृंखला श्रद्धा, आस्था और सामाजिक समरसता का एक अप्रतिम उदाहरण बन चुकी है। भक्ति और जन-सेवा के संकल्प के साथ शुरू हुई यह पावन श्रृंखला अब सनातन धर्म प्रेमियों के लिए एक नई प्रेरणा का केंद्र है। इसी कड़ी में, श्रृंखला का 34वां पाठ शनिवार को लिंक रोड नंबर 2 स्थित परशुराम मंदिर, शिवाजी नगर में शाम 5 बजे से आयोजित किया जाएगा।
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इस आध्यात्मिक यात्रा का शुभारंभ 8 जुलाई 2024 को हुआ था। तब से लेकर आज तक, बिना रुके प्रत्येक माह के द्वितीय शनिवार को यह आयोजन पूरी दिव्यता के साथ संपन्न हो रहा है। विगत आयोजनों में विभिन्न महामंडलेश्वरों, जगद्गुरुओं, पीठाधीश्वरों और राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथाकारों का पावन सान्निध्य इस मंच को प्राप्त हुआ है। संतों के आशीर्वचन और उनके प्रेरक संदेशों ने इस आयोजन को केवल एक धार्मिक कार्यक्रम न रखकर एक व्यापक आध्यात्मिक आंदोलन बना दिया है।
इस श्रृंखला की सबसे बड़ी उपलब्धि राम का आधार रामायण वितरण योजना है। आयोजन समिति का मानना है कि धर्म का वास्तविक प्रसार तभी संभव है जब घर-घर में धर्म ग्रंथ मौजूद हों। इसी उद्देश्य के साथ अब तक 2633 श्रद्धालुओं को अर्थ सहित 'श्री रामचरितमानस' भेंट की जा चुकी है। 63 श्रद्धालुओं को 'श्री शिव महापुराण' का वितरण किया गया है। इसके अतिरिक्त हजारों की संख्या में सुंदरकांड, हनुमान चालीसा, रुद्राक्ष, तुलसी माला, गौमुखी और सुहाग सामग्री जैसी धार्मिक वस्तुएं नि:शुल्क वितरित की गई हैं।
इस आयोजन की एक अत्यंत सराहनीय और आत्मीय परंपरा यह है कि सुंदरकांड पाठ के उपरांत उस माह में आने वाली जन्मतिथि और वैवाहिक वर्षगांठ वाले महानुभावों का सार्वजनिक रूप से अभिनंदन किया जाता है। अब तक 2625 सनातन धर्म प्रेमियों को सम्मानित किया जा चुका है। यह पहल समाज में पारिवारिक संस्कारों और आपसी अपनत्व को सुदृढ़ करने का कार्य कर रही है।
आगामी 11 अप्रैल को होने वाले 34वें पाठ में मधुर भजनों, चौपाइयों और सामूहिक सुंदरकांड पाठ से पूरा परशुराम मंदिर परिसर गुंजायमान होगा। आयोजन समिति ने समस्त भोपाल वासियों और सनातन धर्म प्रेमियों से अपील की है कि वे शाम 5 बजे सपरिवार उपस्थित होकर पवनपुत्र हनुमान की भक्ति में निमग्न हों और धर्म लाभ अर्जित करें। आयोजन समिति ने बताया कि यह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भक्ति, सेवा और धर्म प्रसार का एक जन-अभियान है। हमारा प्रयास है कि प्रत्येक व्यक्ति श्रीराम की कृपा और संस्कारों से जुड़े।