
mp news: मध्यप्रदेश में चल रहे एसआईआर (Special Intensive Revision) के काम की धीमी प्रोग्रेस पर एक बार फिर भोपाल, इंदौर और ग्वालियर के कलेक्टरों को दिल्ली से फटकार लगी है। बुधवार को दिल्ली से चुनाव आयोग की मध्यप्रदेश की प्रभारी और डायरेक्टर शुभ्रा सक्सेना और सचिव विनोद कुमार ने वर्चुअल बैठक की जिसमें प्रदेश के जिलों के कलेक्टर शामिल हुए। इस बैठक के दौरान भोपाल, इंदौर और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों के कलेक्टरों को डिजिटलाइजेशन का काम धीमी रफ्तार होने के कारण फटकार लगी है।
वर्चुअल बैठक के दौरान चुनाव आयोग की डायरेक्टर शुभ्रा सक्सेना ने जैसे ही भोपाल, इंदौर और ग्वालियर जिले में एसआईआर के गणना पत्रक वितरण (calculation sheet distribution) और डिजिटलाइजेशन को लेकर बात की तो पाया कि इन तीनों जिलों में डिजिटलाइजेशन की प्रोग्रेस काफी धीमी है और 10 प्रतिशत से कम काम हुआ है। जिस पर शुभ्रा सक्सेना ने फटकार लगाते हुए कहा कि अगर अगली मीटिंग से पहले एसआईआर डिजिटलाइजेशन में सुधार नहीं हुआ तो कार्रवाई तय है। इस दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने राजनीतिक दलों की बैठक लेकर भी काम में तेजी लाने के लिए कहा है।
भोपाल जिले में गणना पत्रकों के डिजिटलाइजेशन की बात की जाए तो बताया गया है कि भोपाल उत्तर विधानसभा में 5.07 प्रतिशत, नरेला विधानसभा में 5.57 प्रतिशत, भोपाल दक्षिण-पश्चिम विधानसभा में 5.58 प्रतिशत, भोपाल मध्य विधानसभा में 4.38 प्रतिशत, गोविन्दपुरा विधानसभा में 5.69 प्रतिशत, हुजूर विधानसभा में 10.80 प्रतिशत डिजिटलाइजेशन हुआ है। सबसे अच्छी स्थिति बैरसिया विधानसभा की यहां 28.86 प्रतिशत दस्तावेज डिजिटलाइज हुए हैं। इस तरह भोपाल जिले का औसत डिजिटलाइजेशन 10 प्रतिशत से भी कम है।