
उत्कृष्ट कार्य करने वाले रेलकर्मियों को अब गोल्ड प्लेटेड मेडल व नकद पुरस्कार नहीं, सिर्फ ’प्रशस्ति पत्र’ मिलेगा। रेलवे बोर्ड ने प्रत्येक वर्ष अप्रेल में आयोजित होने वाले रेल सप्ताह समारोह और पुरस्कार में बड़ा बदलाव किया है। रेलवे ने इस व्यवस्था को पारदर्शी बनाते हुए डिजिटल प्लेटफार्म पर ला दिया है। अब पुरस्कार प्राप्त करने वाले इच्छुक रेलकर्मी ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम पर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन के लिए एचआरएमएस पर अलग से विकल्प होगा। जिसे रेलकर्मी खुद भरकर आवेदन कर सकेंगे।
रेल सप्ताह पुरस्कार का नाम बदलकर अब रेल सेवा पुरस्कार कर दिया है। रेल मंत्रालय स्तर पर अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार, जोन स्तर पर विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार और मंडल स्तर पर रेल सेवा पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। विभागीय स्तर पर अब पुरस्कार नहीं मिलेगा। जोन स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकतम 100 रेलकर्मियों को ही महाप्रबंधक के हाथों रेल सेवा पुरस्कार मिलेगा।
नई व्यवस्था में अब किसी रेलकर्मी को पुरस्कार को लेकर अफसोस नहीं रहेगा। अपने विभाग और अधिकारी पर पुरस्कार नहीं मिलने का आरोप भी नहीं लगा सकेंगे। अगर उन्हें लगता है कि वे अपने कार्यों के कारण पुरस्कार के हकदार हैं तो एचआरएमएस पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। परीक्षण के बाद उनका चयन संभव है। अभी तक केवल विभाग व मंडल के उच्च अधिकारी ही रेलकर्मियों का चयन करते रहे हैं। अब इनके अलावा रेलकर्मी भी आवेदन कर सकेंगे।
रेल सप्ताह पुरस्कार वितरण के अंतर्गत अभी तक पुरस्कृत होने वाले कर्मियों को प्रशस्ति पत्र के अलावा गोल्ड प्लेटेड मेडल और नकद पुरस्कार भी मिलता रहा है। अधिकारियों को तीन और कर्मचारियों को दो हजार रुपए नकद मिलता था। इसके अलावा 30 ग्राम चांदी के सिक्के पर सोने की परत चढ़ाकर गोल्ड प्लेटेड मेडल भी मिलता था।