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नए मंत्रियों को विभाग तो मिले, लेकिन खर्च करने नहीं मिली अनुमति

वित्तीय वर्ष समाप्त होने में अभी तीन माह शेष हैं। इससे पहले ही खजाने की माली हालत खराब होने लगी है। इसका असर दिखने लगा है। वित्त विभाग ने खर्चों के मामले में सरकारी विभागों के हाथ बांध दिए हैं।
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भोपाल

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Sanjana Kumar

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Updated: 1 Jan 2024, 8:25 AM IST

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वित्तीय वर्ष समाप्त होने में अभी तीन माह शेष हैं। इससे पहले ही खजाने की माली हालत खराब होने लगी है। इसका असर दिखने लगा है। वित्त विभाग ने खर्चों के मामले में सरकारी विभागों के हाथ बांध दिए हैं। विभागों से कहा है, वित्त विभाग की अनुमति के बिना सरकारी खजाने से रकम न निकाली जाए। इसमें सरकारी योजनाओं सहित अन्य कार्य भी शामिल हैं। स्थिति यह है कि खजाने में रकम होने के बावजूद अब विभाग इस राशि को बिना अनुमति खर्च नहीं कर सकते। ऐसी व्यवस्था सिर्फ इसलिए की है, जिससे जरूरी कार्य होतेे रहें। जरूरत पर इस रकम को अन्य कार्यों में खर्च किया जा सके। वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि विभागों को किसी भी नए खर्चों के लिए राशि नहीं मिलेगी।

चुनाव में किए वादे पूरा करने की चिंतासरकार को चिंता विधानसभा चुनाव में किए वादे पूरे करने को लेकर है। सत्तारूढ़ दल भाजपा ने लोगों से कई वादे किए। इन्हें पूरा करना है। इसमें लाड़लियों, युवा, किसान और व्यापारियों सहित अन्य वर्ग से किए वादे शामिल हैं। इन्हें पूरा करने के लिए मोटी रकम चाहिए। खर्चों में विभागों के हाथ बांधने से कई योजनाओं पर असर पड़ेगा। विभागों से दिए जाने वाले प्रोत्साहन, पुरस्कार की राशि भी वित्त विभाग से पूछकर देनी होगी। शासकीय आवासों का रखरखाव, पीडब्ल्यूडी के तहत क्षेत्रों का सौदर्यीकरण योजना भी शामिल है।