
Retired IAS Rakesh Agrawal murder- राजधानी भोपाल में हुए रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या का आरोपी अब तक पुलिस गिरफ्त में नहीं आया है। उसकी तलाश में जगह-जगह पुलिस छापेमारी कर रही है। हत्या के बाद से फरार आरोपी बीना में सीसीटीवी फुटेज में नजर आया था। उसी आधार पर पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। हालांकि उत्तर प्रदेश में उसकी गिरफ्तारी की सूचनाएं गुरुवार सुबह से चल रही थी, लेकिन वो झूठी निकली। इधर, भोपाल की रातीबड़ पुलिस ने जांच के बाद गुरुवार को विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है।
राजधानी भोपाल के रिटायर्ट आईएएस आफिसर राकेश अग्रवाल के हत्यारे को पुलिस जल्द ही पकड़ने का दावा कर रही है। इधर रातीबड़ पुलिस ने आरोपी वरुण कुमार पर हत्या और लूट की धाराओं में FIR दर्ज कर ली है। पुलिस ने BNS की धारा 103(1), 127(2), 307 और 311 के तहत मामला दर्ज किया।
धारा 103(1) BNS – हत्या: जानबूझकर किसी व्यक्ति की हत्या करने का अपराध। इसमें मृत्युदंड या उम्रकैद और जुर्माना हो सकता है।
धारा 127(2) BNS – गलत तरीके से बंधक बनाना: किसी व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरुद्ध गलत तरीके से बंद/रोककर रखना। धारा 127 गलत तरीके से रोकने या बंद करने से संबंधित है।
धारा 307 BNS – चोरी से पहले चोट/जान का खतरा पैदा करने की तैयारी: चोरी करते समय व्यक्ति को मौत, चोट या रोकने की आशंका पैदा करने की तैयारी करके चोरी करना।
धारा 311 BNS – हथियार के साथ लूट और जानलेवा हमला: लूट या डकैती के दौरान घातक हथियार का इस्तेमाल करना, गंभीर चोट पहुंचाना या जान से मारने/गंभीर चोट पहुंचाने का प्रयास करना। इसमें सजा कम से कम 7 साल की कैद है।
बुधवार सुबह राकेश अग्रवाल का शव घर में मिला था। दो दिन पहले रखे गए केयर टेकर पर शक था। घटना के बाद से वो भी गायब था। पुलिस को केयरटेकर वरुण कुमार का सीसीटीवी फुटेज भी हाथ लगा है। मृतक की पत्नी निशी अग्रवाल बुधवार सुबह 5.30 बजे नींद खुली और वे मार्निंग वॉक के लिए घर से जाने वाली थीं। दरवाजा बाहर से बंद मिला तो उन्होंने अन्य कर्मचारी अमर थापा को फोन किया। दरवाजा खुलने के बाद निशी अग्रवाल अपने पति के कमरे में गई तो हैरान रह गई। राकेश अग्रवाल जमीन पर पड़े मिले। उनके गले पर वार के निशान थे। घटना की जानकारी आसपास के लोगों को और घर में काम करने वाले कर्मचारियों को दी गई। इसके बाद रातीबड़ पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।
0-घर की अलमारी के लॉक टूटे मिले।
0-किचन में एलपीजी सिलेंडर का पाइप निकला मिला। गैस पूरे घर में फैल गई थी।
राकेश अग्रवाल का बेटा अमेरिका की यूनिवर्सिटी में मौकरी करता है। सूचना मिलने पर वो बुधवार को रवाना हो गया। संभवतः गुरुवार रात तक उसके भोपाल पहुंचने की संभावना है। संभवतः उसी के बाद राकेश अग्रवाल का अंतिम संस्कार भदभदा विश्राम घाट पर किया जाएगा।
भोपाल के सूरजनगर में रहने वाले रिटायर्ड आइएएस आफिसर अपने लंबे कार्यकाल में कलेक्टर से लेकर प्रशासन अकादमी के डीजी भी रह चुके हैं। उन्होंने उप सचिव, संयुक्त सचिव, अतिरिक्त सचिव, प्रबंध निदेशक, निदेशक, सचिव और प्रमुख सचिव जैसे अहम पदों पर राज्य शासन में जिम्मेदारी संभाली। उनका सबसे लंबा कार्यकाल भोपाल के प्रशासन अकादमी में बीता। एक दिसंबर 2011 से 30 जून 2016 तक वे यहां के डीजी रहे। दो जून 1956 को जन्मे राकेश अग्रवाल एमपी कैडर के 1982 बैच के आइएएस आफिसर थे।