
Bhopal Sealing Supreme Court Hearing: राजधानी भोपाल के रिहायशी क्षेत्र में चल रहे कारोबार पर हो रही नगर निगम की कार्रवाई के बीच सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल करने की मध्य प्रदेश सरकार ने तैयारी पूरी कर ली। सरकार की ओर से नगरीय विकास एसीएस संजय दुबे और नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने दिल्ली में सॉलिसिटर जनरल से मुलाकात में कार्रवाई का पूरा ब्योरा रखा। 15 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले अगले शुक्रवार तक सरकार हलफनामा दाखिल करेगी। सरकार इसमें बताएगी कि अब तक 65000 संपत्तियां कॉलोनी में कारोबार के रूप में चिह्नित की है। 8456 को अंतिम नोटिस दिए हैं। 190 मामलों में 31 अगस्त लेकर अब तक सीलिंग कार्रवाई की है।
उधर, याचिकाकर्ता विवेक त्रिपाठी ने निगम की कार्रवाई को कोर्ट की अवमानना बताया है। रहवासियों ने अरेरा कॉलोनी के जिन मॉल्स की शिकायतें की, उन पर अब तक सीलिंग कार्रवाई नहीं हुई है। निगम छोटे व्यापारियों पर कार्रवाई कर रहा है। इससे रहवासी खफा है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में निगम की पक्षपात पूर्ण कार्रवाई की जांच की मांग की है। इधर, भोपाल चेंबर्स ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष गोविंद गोयल ने कार्रवाई के विरोध में भोपाल बंद करने की बात कही है।
शीर्ष कोर्ट के निर्देश पर 6 विस क्षेत्र में शुरू हुए सर्वे व सीलिंग कार्रवाई में इंजीनियरों की जादूगिरी सामने आई है। हाईकोर्ट में रसूखदारों को बचाने जहां कोर्ट के मांगने पर इंजीनियरों ने जवाब नहीं दिया। वहीं, छोटे व्यापारियों को ब्लैकलिस्ट करने में कसर नहीं छोड़ी। पिछली सुनवाई में इसलिए एक भी स्टे ऑर्डर रद्द नहीं हो सका। निगमायुक्त ने इंजीनियर देवेश गढ़वाल, राकेश लहरिया कविता सोनी को सस्पेंड किया है। सिटी प्लानर अनिल टटवाड़े व सुरेश कुमार राजेश से जानकारी मांगी है।