3 सितंबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

भोपाल में सीलिंग का संकट: घरों में दुकानें बनाने वाले व्यापारियों को सुप्रीम कोर्ट से राहत की उम्मीद

Bhopal Sealing Case- 15 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई में व्यापारियों को राहत की उम्मीद...। नगर निगम कमिश्नर के साथ अतिरिक्त चीफ सेक्रेटरी देंगे रिपोर्ट...।
2 min read
Google source verification

भोपाल

image

Manish Gite

Sep 03, 2026

Bhopal Sealing Case

Bhopal Sealing Case- भोपाल के पॉश इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों का मामला सुप्रीम कोर्ट में...। 15 सितंबर को होगी सुनवाई। (फोटो पत्रिका)

Bhopal Sealing Case- भोपाल नगर निगम की ओर से आवासीय क्षेत्र में व्यवसाय को सीलबंद करने का अभियान तेजी से चल रहा है और इस जद में ऐसे कई दुकानदार भी आ गए हैं, जिन्होंने अपनी जमा पूंजी अपने ही घर में दुकानें बनाकर लगा दी थी। रहवासी क्षेत्रों में व्यवसाय करने वाले व्यापारी सहमे हुए हैं, उनकी दुकानें सील कर दी गई हैं। रहवासी इलाकों के व्यापार को बंद होता देख शहर के बाजारों के कारोबारी भी उनके समर्थन में उतर आए हैं। दो दिनों से कई इलाकों के बाजार बंद हैं। अब सुप्रीम कोर्ट से ही राहत की उम्मीद की जा रही है।

सुप्रीम कोर्ट में 15 सितंबर को इसी मामले की सुनवाई होने वाली है। जिसके लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय दुबे और भोपाल नगर निगम की कमिश्नर संस्कृति जैन दिल्ली में हैं। सभी की निगाह अब सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर लगी है। यदि कोर्ट का रुख सख्त रहा तो कई पॉश कॉलोनियों में चलने वाली व्यापारिक गतिविधियां बंद हो जाएगी और भोपाल में एक बार फिर सीलिंग की कार्रवाई तेज हो जाएगी।

मास्टर प्लान लागू नहीं होने से बनी स्थिति

भोपाल का मास्टर प्लान दो दशकों से लागू नहीं हो सका है। इसके पीछे राजनीतिक कारण भी बताया जाता है। व्यापारियों का कहना है कि भोपाल का मास्टर प्लान लागू नहीं होने के कारण यह स्थिति बनी है। फिलहाल भोपाल में मास्टर प्लान 2005 के मुताबिक ही विकास कार्य चल रहे हैं। इसका असर विकास कार्यों पर तो पड़ा ही है आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियां, अवैध कॉलोनियां और सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं भी बनी हुई हैं।

जल्द आ सकता है मास्टर प्लान

सूत्रों के मुताबिक मास्टर प्लान को लेकर तैयारी तेज चल रही है। सरकार की मंजूरी मिलते ही स्पष्ट हो जाएगा कि अब आगे क्या होने वाला है। भोपाल मास्टर प्लान-2031 को लागू की तैयारी कई बार हुई, लेकिन दावे-आपत्तियों के कारण बार-बार रोक दिया गया। माना जा रहा है कि मास्टर प्लान को लेकर भी जल्द ही घोषणा हो सकती है।

व्यापारियों को ऐसे मिल सकती है राहत

रहवासी इलाकों में चल रही दुकानें, शॉपिंग सेंटर की सीलिंग को लेकर भोपाल नगर निगम अपना पक्ष 15 सितबर को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष रखेगा। इस कानूनी प्रक्रिया के लिए नगरीय विकास एवं आवासीय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय दुबे और भोपाल नगर निगम की कमिश्नर संस्कृति जैन इसके लिए कानूनी पहलुओं को बारीकी से देख रहे हैं। जिससे कोर्ट के समक्ष मजबूत पक्ष रखा जा सके। फिलहाल यह दोनों अधिकारी दिल्ली में विधिक परामर्श ले रहे हैं।

क्या हुआ था उस समय

भोपाल के रहवासी इलाकों में 10 नंबर मार्केट, साकेत नगर, अरेरा कॉलोनी क्षेत्र में मास्टर प्लान के नियमों से अलग बड़े पैमाने पर दुकान, दफ्तर, ब्रांडेड कपड़ों के शोरूम आदि खुल गए थे। जिसे अवैध कमर्शियल एक्टिविटी माना गया। इससे पहले हाईकोर्ट ने ऐसी गतिविधियों के लिए सीलिंग की कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इस आदेश को चुनौती देते हुए भोपाल के व्यापारियों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने भोपाल नगर निगम से विस्तृत रिपोर्ट और हलफनामा मांगा है।